प्रदेश पुलिस को शुक्रवार को 395 जवान मिले। ये जवान जनवरी से पुलिस की ट्रेनिंग ले रहे थे। पासिंग आउट परेड के दौरान मुख्य अतिथि एडीजी एटीसी सतीश माथुर ने जवानों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। पासिंग लाइन पार करते ही कैडेट सिपाही बन गए। जिनको अभी प्रदेश मुख्यालय से तैनाती का इंतजार है।
11 वीं वाहिनी पीएसी में जनवरी से 419 जवान ट्रेनिंग ले रहे थे। इन जवानों की ट्रेनिंग गुरुवार को संपन्न हो गई। जिसके बाद 395 जवानों ने पुलिस परीक्षा को पास किया। शुक्रवार को इन्हीं जवानों ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। प
रेड के दौरान मुख्य अतिथि ने जवानों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान एडीजी एटीसी सतीश माथुर ने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान बहुत कुछ सिखाया और बताया गया है। आप सभी के कंधों पर कानून के पालन की जिम्मेदारी है।
आप जहां भी रहें, वहां हर पीड़ित को न्याय दिलाना आपका प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने कहा कि थाने आने वाले हर पीड़ित को न्याय मिले, यह आपकी प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग के दौरान हाईटेक प्रणाली से अपराधियों पर काबू पाने के गुर भी सिखाए गए हैं। ऐसे में आप आधुनिक सुविधाओं से लैस अपराधियों पर भी आसानी से काबू पा सकेंगे।
परेड के दौरान जवानों ने एडीजी को मान प्रणाम देते हुए पासिंग लाइन को पार किया। पासिंग लाइन पार करते ही सभी जवान खुशी से उछल पड़े। सभी के चेहरों पर सिपाही की नौकरी पा लेने खुशी साफ झलक रही थी।
लाइन पार करते ही प्रदेश पुलिस को 395 जवान मिल गए। इस मौके पर रमेश प्रसाद गुप्ता, केंद्रीय भंडारण के एएसपी दयाराम सरोज, सैन्य सहायक विपिन पांडेय, बृजमोहन यादव, लालू यादव, निरंजन यादव, अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद थे।
ये हुए सम्मानित
11वीं वाहिनी में हुई ट्रेनिंग में सर्वांग सर्वोत्तम सिपाही वैभव सिंह रहे जबकि बाह्य विषयों में देवेंद्र सिंह प्रथम रहे। मुख्य अतिथि ने जवानों को पुरस्कार व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।