सीतापुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन पर हुए हमले के विरोध में बृहस्पतिवार को सपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। शहर में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम नीतीश कुमार सिंह को सौंपा।
सपा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में कहा कि प्रदेश में आए दिन जनता के उत्पीड़न, हत्या, लूट, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अराजकता की घटनाएं आम हो गईं हैं। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अपराधियों के हौसले बढ़ गए हैं।
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार कानून का शासन स्थापित करने में पूरी तरह विफल हो गई है। बीते कई सप्ताह से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद (राज्यसभा) रामजी लाल सुमन को करणी सेना द्वारा निरंतर जान से मारने की धमकी दी जा रही है। उनके आवास पर हमला भी किया गया।
27 अप्रैल को बुलंदशहर जाते समय अलीगढ़ में उनके काफिले पर करणी सेना ने हमला किया। इसमें कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए और लोगों को गंभीर चोटें भी आईं। इस घटना के बाद भी अराजक तत्वों पर शासन-प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह स्पष्ट है कि उन्हें सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की लोकतंत्र और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित भारतीय संविधान में कोई आस्था नहीं है।
राष्ट्रपति से संविधान एवं लोकतंत्र की मजबूती की दिशा में ठोस निर्णय लेने की मांग की गई है। धौरहरा सांसद आनंद भदौरिया, विधायक अनिल वर्मा, एमएलसी जासमीर अंसारी, जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव, पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी, रामहेत भारती, पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दकी, इकबाल हुसैन अंसारी, कौशलेंद्र सिंह, अशफाक खां, राबिन सिंह, चंद्रशेखर यादव, प्रदीप सिंह, संदीप कश्यप, शिवम सिंह आदि मौजूद रहे।