45 किलोमीटर का सफर महज 33 मिनट में पूरा किया है। ऐसे में जल्द ही इस रूट पर भी ट्रेनें फर्राटा भरेंगी। बता दें कि सीतापुर में पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे के दो ट्रैक हैं। पहले चरण में पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर ट्रैक को मीटरगेज से ब्रॉडगेज में तब्दील किया गया। यह कार्य पूरा होने के बाद अब इस ट्रैक पर ट्रेनें यात्रियों को लेकर गंतव्य स्थल तक पहुंच रही हैं।
द्वितीय चरण के सीतापुर-लखीमपुर खीरी तक आमान परिवर्तन कार्य पूरा होने के बाद सोमवार को सीआरएस अरविंद कुमार जैन, रेल विकास निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक राजेश श्रीवास्तव और डीआरएम विजय लक्ष्मी कौशिक समेत अन्य अफसर स्पेशल ट्रेन से सीतापुर जंक्शन पर पहुंचे। बाद में वाया सड़क मार्ग होते हुए अफसर सुबह नौ बजे रेलवे क्रॉसिंग गेट 75 नंबर पहुंचकर यहां पर पूजन अर्चन किया।
बाद में नए ब्रॉडगेज ट्रैक पर नारियल फोड़कर ट्रैक का शुभारंभ किया। इसके बाद में मोटर ट्रॉली पर सवार होकर सीआरएस जैन लखीमपुर के लिए रवाना हुए। यहां से झरेखापुर, हरगांव, ओयल हॉल्ट का निरीक्षण करते हुए दोपहर ढाई बजे लखीमपुर खीरी पहुंचे। तय समय से एक घंटा पहले उनका निरीक्षण पूरा होने की वजह से आयुक्त ने समूचे ट्रैक का स्पीड ट्रायल किया।
वैसे तो ट्रैक के स्पीड ट्रायल के लिए शाम पांच बजे का समय तय था मगर वो वहां से चार बजकर तीन मिनट पर ही स्पेशल ट्रेन से सीतापुर के लिए रवाना हुए। वहां से 131 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाई गई। विभागीय जानकारों की मानें तो 45 किलोमीटर का सफर स्पेशल ट्रेन ने महज 33 मिनट में पूरा किया। अब सीआरएस इस निरीक्षण की रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को देंगे। उसके बाद इस रूट पर रेलगाड़ियां दौड़ पाएंगी। ऐसे में नए रूट पर जल्द ही ट्रेनें फर्राटा भरती नजर आएंगी।
उनके संग पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य सामान्य इंजीनियर रामजनम, लखनऊ मंडल की डीआरएम विजयलक्ष्मी कौशिक, आरवीएनएल के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर राजेश श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी निदेशक एसके त्यागी, वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर (समन्वय) आरके श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक स्वदेश कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अमित प्रकाश मिश्रा, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अनिल कुमार, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर राघवेन्द्र कुमारआदि उपस्थित थे।