यह एजुकेटर सप्ताह भर उनको शिक्षा देंगे। इसको लेकर कॉलेजों से छात्र संख्या का ब्यौरा मांगा गया है। उसके बाद नियमित कक्षाएं चलने लगेंगी। माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कक्षा नौ से 12 तक की कक्षाएं संचालित की जाती हैं।
अभी तक मूकबधिर व दृष्टिबाधित बच्चों के लिए इन स्कूलों में विशेष तरीके से पठन-पाठन की कोई सुविधा नहीं थी। आम छात्रों के साथ बैठकर यह छात्र भी शिक्षा ग्रहण करते थे। अब ऐसे छात्रों को पढ़ाई में तमाम सुविधाएं दी जाएंगी। उनके लिए स्पेशल कक्षाएं चलेंगी, वहीं उनको यूनीफॉर्म, कॉपी, किताबें व स्टेशनरी की सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा बालिकाओं को अलग से प्रति माह 200 रुपये का बजट मिलेगा। यह सुविधा केवल राजकीय व अशासकीय प्राप्त कॉलेजों पर लागू होगी। इसके लिए प्रत्येक स्कूल में स्पेशल एजुकेटर रखे जाएंगे। इनको प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। इस योजना की जिले में जल्द ही शुरूआत होगी।
इसको लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कॉलेजों से ऐसे छात्रों का ब्यौरा मांगा है। जिसे तीन दिन के अंदर कार्यालय को मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं। छात्र संख्या तय हो जाने के बाद एजुकेटर तैनात कर दिए जाएंगे।