सीतापुर। जिले की तहसीलों में बढ़ती महंगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था, पंचायत चुनाव में धांधली समेत कई मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन कर ताकत का एहसास कराने की योजना बना चुकी समाजवादी पार्टी के अगुवाकारों और कार्यकर्ताओं का जोश पुलिस की चौकसी, सतर्कता के आगे उबाल नहीं मार सका। नतीजतन, सपाई शांत रहे। ज्ञापन के जरिये ही प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया।
शहर में पूर्व विधायक और सपा कार्यकर्ताओं ने मालगोदाम के पास प्रदर्शन किया। सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी जरूर की। महोली, लहरपुर, महमूदाबाद, बिसवां, मिश्रिख में मामूली नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर सपाई चले गए। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से निपटने के बाद पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर 15 जुलाई को तहसीलों में प्रदर्शन करने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। सपाई जोरदार विरोध प्रदर्शन कराकर अपनी ताकत का एहसास कराने को बेकरार दिख रहे थे, वहीं पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से ही ज्ञापन दिलाने की तैयारी में थी। इसको लेकर डीएम विशाल भारद्वाज, एसपी आरपी सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था के मुकम्मल इंतजाम किए थे। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी की गई थी चप्पे-चप्पे पर पुलिस-पीएसी का कड़ा पहरा था।
प्रदर्शन के नेतृत्वकर्ताओं, अगुवाकारों पर एक दिन पहले से ही पुलिस की नजर थी। कौन तहसील में कौन नेता, प्रदर्शन को लीड कर रहा था, इसकी जानकारी जुटाने के बाद पुलिस प्रशासन ने उसे नजरबंद करना शुरू कर दिया था। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस की कसरत कई दिनों से जारी थी। बुधवार को सक्रियता और बढ़ गई। किसी तरह बुधवार की रात गुजरी।
गुरुवार की सुबह होते ही सदर, महोली, लहरपुर, सिधौली, महमूदाबाद, मिश्रिख तहसीलों में निर्धारित प्वाइंटों पर पुलिस मुस्तैद हो गई। एसडीएम, सीओ, अलर्ट मोड में दिखे। सपाई आए और ज्ञापन देकर शांतिपूर्ण तरीके से चले गए। महोली, लहरपुर, महमूदाबाद, सिधौली, बिसवां, मिश्रिख में नारेबाजी के बीच ज्ञापन दिया गया।
वहीं, सदर तहसील की बात करें तो शहर में टाउन हाल स्थित पार्टी कार्यालय पर पूर्व विधायक रमेश राही कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे। बाहर एसओ खैराबाद अंबर सिंह पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। माल गोदाम स्थित पूर्व नगर विधायक राधेश्याम जायसवाल के कार्यालय पर सुरक्षा काफी कड़ी थी। पूरे कार्यालय के आसपास जबरदस्त बैरिकेडिंग की गई थी। पार्टी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं बैरिकेडिंग के अंदर ही कर दिया गया था। सुबह से ही राधेश्याम जायसवाल कार्यालय पर मौजूद थे।
एसडीएम अमित भट्ट, सीओ पीयूष सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह समेत कई थानों की पुलिस फोर्स 9 बजे ही उनके कार्यालय पर पहुंच गई थी। एसडीएम, सीओ ने पूर्व विधायक से कार्यालय केे अंदर जाकर बात की, लेकिन राधेश्याम जायसवाल कलेक्ट्रेट जाकर ही ज्ञापन देने की जिद पर अड़े थे।
काफी देर तक चली बातचीत के बाद पुलिस ने मौके पर ज्ञापन देने का दबाव बनाया। इसके बाद पूर्व विधायक बाहर निकले और कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर बैठ गए, इससे पहले सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव, रमेश राही भी मौके पर पहुंच गए थे। पूर्व विधायक ने कार्यकर्ताओं संग सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरकार विरोधी नारे लगाने के बाद पूर्व विधायक ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा
सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने बताया, तहसीलों में होने वाले प्रदर्शन में पंचायत चुनाव में धांधली, बढ़ती महंगाई, बिगड़ती कानून व्यवस्था, नौजवानों की बेरोजगारी, किसानों के ऊपर थोपे जा रहे काले कृषि कानून, महिलाओं से हो रहे दुर्व्यवहार, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, सपा कार्यकर्ताओं पर फर्जी केस लगाने, दलित वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग पर हो रहे अत्याचार, पिछड़े वर्ग को अनुमन्य 27 प्रतिशत आरक्षण में की जा रही कटौती और प्रशासन के द्वारा सत्ता के दुरुपयोग किए जाने आदि मुद्दे शामिल थे।
महोली, लहरपुर, मिश्रिख, महमूदाबाद, सिधौली में भी नारेबाजी
लहरपुर में प्रदर्शन को लेकर जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई। तहसील स्थित सपा कार्यालय से पूर्व विधायक अनिल वर्मा, पूर्व विधायक जास्मीर अंसारी के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराते हुए एसडीएम पीएल मौर्य को ज्ञापन सौंपा। सुबह से ही केसरी गंज तिराहे से बिसवां तिराहा गेट पर बैरिकेडिंग कर आवागमन रोक दिया गया था। महमूदाबाद तहसील में सपा विधायक नरेंद्र सिंह वर्मा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पर पहुंच कर एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा। ज्यादा संख्या में कार्यकर्ता तहसील न पहुंच सके, इसके लिए प्रसाशन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग व पुलिस बल तैनात कर रखा था। इस मौके पर पूर्व चेयरमैन मोहम्मद अहमद, सपा नगर अध्यक्ष इश्तियाक शाद मौजूद रहे। बिसवां में पुरैनी स्थित सपा कार्यालय में पूर्व विधायक महेंद्र सिंह झीन बाबू, पूर्व विधायक निर्मल वर्मा पहुंचे ही थे और तहसील मुख्यालय पर आने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच एसडीएम अनुपम मिश्रा, सीओ सुशील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंच गए और मौके पर ही ज्ञापन ले लिया। महमूदाबाद रोड स्थित एक शोरूम पर से प्रदर्शन करने जा रहे समाजवादी पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी रहे अफजाल कौसर और सपा नेता देवी शंकर बाजपेयी को रोक लिया। उनसे ज्ञापन लिया। आगे नही बढ़ने नही दिया।
सिधौली रोड स्थित क्रॉसिंग पर सपा नेता कमलेश यादव के कार्यालय पर ही प्रशासन ने उनके समर्थकों के साथ उन्हें रोक लिया। उनसे वहीं ज्ञापन ले लिया। समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष शमीम कौसर सिद्दीकी को प्रशासन ने उनके आवास समर्थकों के साथ रोक लिया। यहीं पर ज्ञापन ले लिया।
महोली में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर सपा के पूर्व विधायक अनूप गुप्ता, एमएलसी आनंन्द भदौरिया की अगुवाई में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम पंकज प्रकाश राठौर को सौंपा। ब्लॉक प्रमुख चुनाव में हुई धांधली, बढ़ती महंगाई, पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के दामों में वृद्धि एवं बिगड़ती कानून व्यवस्था, जबरदस्ती थोपे जा रहे काले कानून समेत 16 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
मिश्रिख में पूर्व मंत्री रामपाल राजवंशी के नेतृत्व में डाकबंगला में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया। एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सिधौली में अलग-अलग स्थानों पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। सिधौली में समाजवादी पार्टी के राम दुलारे भार्गव के नेतृत्व में नेशनल हाईवे पर विधायक हरगोविंद भार्गव के कार्यालय के निकट एक कार्यक्रम किया गया, जहां पर पहुंचे एसडीएम ने ज्ञापन लिया। वहीं, पूर्व विधायक मनीष रावत के मोहल्ला गांधी नगर स्थित अपने आवास से कार्यकर्ताओं के साथ सिधौली-मिश्रिख मार्ग पर आ गए थे, जहां पर उनसे ज्ञापन लिया गया। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख रामबक्श रावत, चित्र केस यादव आदि मौजूद रहे।