नैमिषारण्य में सोमवती अमावस्या पर चक्रतीर्थ में स्नान करते श्रद्घालु। (संवाद)
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सीतापुर/नैमिषारण्य। इस साल की एक मात्र सोमवती अमावस्या सोमवार को आस्था व उल्लास के साथ मनाई गई। सुहागिन महिलाओं ने तड़के सुबह उठकर पीपल की पूजा की। प्रसाद चढ़ाकर पीपल पर धागा लपेटा। नैमिषारण्य में श्रद्धालुओं ने चक्रतीर्थ में डुबकी लगाकर मठ मंदिरों में पूजा की।
चैत्र मास की सोमवती अमावस्या का पावन पर्व वैश्विक महामारी कोरोना की बंदिशों के बीच बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस बार वर्ष की एकमात्र सोमवती अमावस्या पर्व का संयोग होने के चलते महिलाओं ने सुबह पीपल वृक्ष की पूजा की। महिलाओं ने पीपल के चारों तरफ आस्था का धागा लपेटकर मनोकामना मांगी।
नैमिषारण्य में चक्रतीर्थ पर भगवान श्री विष्णु व पीपल के पेड़ का पूजन किया गया। श्रद्धालुओं द्वारा गोमती नदी के राजघाट के साथ चक्रतीर्थ प्रांगण पर स्नान और पूजन शाम तक जारी रहा। चक्रतीर्थ और गोमती में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पुरोहितों को दान दक्षिणा दी। तीर्थ के प्रमुख मंदिरों मां ललिता देवी, हनुमान गढ़ी, व्यास गद्दी, सूत गद्दी, कालीपीठ व देवदेवेश्वर आदि स्थलों पर परंपरानुसार पूजन अर्चन कर शीश नवाया।
पति के दीर्घायु की कामना
रेउसा (सीतापुर)। रेउसा में सोमवती अमावस्या को लेकर ब्लॉक परिसर, बाजपेई नगर के त्रिभुवन दत्त स्कूल परिसर, कस्बा चौराहा, संकट मोचन हनुमान मंदिर में लगे पीपल वृक्ष की पूजा सुहागिन महिलाओं ने की। थाल सजाकर महिलाओं ने विधि विधान से पूजन किया और पति के दीर्घायु होने की कामना की।