सीतापुर। जन शिकायतों का निस्तारण सही ढंग से न किए जाने पर डीएम अभिषेक आनंद ने छह एसडीएम से जवाब तलब किया है। तय समय में जवाब न देने पर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। यह कार्रवाई शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के बाद की गई है।
जनसुनवाई के लिए प्राप्त संदर्भ के निस्तारण की समीक्षा उच्च स्तर पर नियमित रूप से की जा रही है। इसके बाद भी जिम्मेदार शासन के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। वह सरसरी तौर पर शिकायतों का निस्तारण करते हैं। इससे शिकायतकर्ता की समस्या का समाधान नहीं होता है और उसकी ओर से नकारात्मक फीडबैक दिया जाता है। इसे डीएम अभिषेक आनंद ने गंभीरता से लिया है।
उन्होंने संपूर्ण समाधान दिवस की निस्तारित शिकायतों की समीक्षा की तो पता चला कि एसडीएम बिसवां शिखा शुक्ला ने दो शिकायतों का गुणवत्तापरक निस्तारण नहीं किया है। एक शिकायत का निस्तारण 31 मई को किया गया। इसमें तहसीलदार बिसवां की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि सड़क पर कुछ दुकानें अवैध रूप से संचालित हैं। यह दुकानें लोक निर्माण विभाग के क्षेत्र में आती हैं। इस पर एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग से रिपोर्ट न लेकर तहसीलदार की आख्या को ही अनुमोदित करके शिकायत काे निस्तारित कर दिया।
मेड़बंदी संबंधी शिकायत के निस्तारण में आवेदक का बयान और स्थलीय निरीक्षण की जीपीएस फोटो नहीं लगाई। न ही आवेदक को फोन पर जानकारी देने का उल्लेख किया। इससे संबंधित शिकायतकर्ता ने नकारात्मक फीडबैक दिया। इस पर एसडीएम का जवाब तलब किया गया है। एसडीएम महोली देवेंद्र कुमार मिश्रा, एसडीएम मिश्रिख शैलेंद्र कुमार मिश्रा, एसडीएम सिधौली राखी वर्मा, एसडीएम महमूदाबाद वीके सिंह और एसडीएम लहरपुर आकांक्षा गौतम की ओर से भी संपूर्ण समाधान की शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापरक नहीं किया है। डीएम अभिषेक आनंद ने उनसे भी जवाब तलब किया है।