रेउसा/रामपुर मथुरा (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में बाढ़ के बाद अब कटान का खतरा लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहा है। रेउसा क्षेत्र में गुरुवार को तलहटी की लगभग 20 बीघा खेती योग्य जमीन सरयू में समा गई। वहीं, रामपुर मथुरा इलाके में आठ बीघा जमीन कटान की भेंट चढ़ गई। जबकि छह घर कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। तेजी से हो रही कटान से लोग भयभीत हैं। बैराजों से करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
ब्लॉक रेउसा में कम हो रहा सरयू नदी का पानी लगातार कटान कर रहा है। गुरुवार को चलीं तेज हवाओं से कटान तेज हो गया है। फौजदारपुरवा, दुर्गापुरवा, जटपुरवा, म्योढी छोलहा आदि गांवों के आसपास लगभग 20 बीघा खेती योग्य जमीन सरयू में समा गई। बाढ़ग्रस्त गांवों से पानी काफी घट गया है, लेकिन अभी कीचड़ के कारण हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। उधर, रामपुर मथुरा क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर गुरुवार को खतरे के निशान से 30 सेमी. घटकर 118.70 मीटर दर्ज किया गया।
जलस्तर घटने पर भी बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। अंगरौरा व परमगोंडा के पास करीब आइ बीघे खेत नदी में समा गए। वहीं अखरी से पंडितपुरवा जाने वाले मार्ग पर बनी पुलिया भी कटने की कगार पर है। परमगोंडा के नान्हू, जवाहिर व रामविजय सहित छह लोगों के घरों से कटान करती नदी लगभग 50 मीटर की दूरी पर आ गई है। कटान नहीं थमा तो यह सभी मकान नदी में समा जाएंगे। यह ग्रामीण दूसरे स्थान पर बस गए हैं। बीडीओ अशोक चौरसिया ने बताया कि तटबंध पर हैंडपंप लगवाने तथा मोबाइल शौचालय की व्यवस्था करवाई जा रही है।
विधायक ने 900 बाढ़ पीड़ितों को दी राहत सामग्री
सेवता विधायक ज्ञान तिवारी ने गुरुवार को रेउसा ब्लॉक के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर किशोरगंज में 900 पीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान की। विधायक ने कहा कि राहत सामग्री वितरण वाली सूची पारदर्शी तरीके से तैयार हो और प्रत्येक जरूरतमंद के घर तक मदद पहुंचे, इसकी जिम्मेदारी तहसील प्रशासन की है। मवेशियों के लिए भूसे की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। राहत सामग्री के साथ ही केरोसिन तेल और साबुन का वितरण भी किया जाना है। इन सब की व्यवस्था भी एक-दो दिन में हो जाएगी। अधिकारी पर्याप्त मात्रा में तिरपाल, आलू, आटा, लाई, नमक, चना, चावल, दाल, मसाले, मोमबत्ती, माचिस, तिरपाल, बिस्किट, क्लोरीन टैबलेट आदि का वितरण सुनिश्चित करें। अगर कहीं किसी को दिक्कत है तो वह सीधे उनसे संपर्क कर सकता है।
नदियों का पानी काफी घट गया है। गांजर में हालात सामान्य होने लगे हैं। बाढ़ पीड़ितों को लगातार राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।
- राजकुमार गुप्ता, तहसीलदार बिसवां