सीतापुर। केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) 2021 के कई प्रश्नों ने विद्यार्थियों को खूब उलझाया। गणित के प्रश्नों में विद्यार्थी उलझे रहे। काफी मशक्कत के बाद उनको हल कर सके। विद्यार्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र बहुत सरल नहीं था। इसकी वजह से मेरिट पर असर पड़ेगा। पिछले बार की अपेक्षा इस बार का प्रश्नपत्र कठिन था। कई प्रश्न बिना पढ़े हुए आ गए थे।
जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 9.30 बजे शुरू हुई। परीक्षार्थी समय से पहले ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गए। कॉलेज के बाहर लगी लिस्ट से अपने नाम का मिलान किया। उसके बाद कक्ष संख्या का पता लगाकर अंदर जाने के लिए प्रवेश लिया। गेट पर खड़े शिक्षकों ने उनकी तलाशी ली। उनके मॉस्क चेक किए। उसके बाद ही अंदर जाने दिया गया।
कक्षा कक्षों में कोविड प्रोटोकाल के अनुसार छह फिट की दूरी का पालन करते हुए परीक्षार्थियों को बैठाया गया, जहां पर विद्यार्थियों ने कड़ी मेहनत करके परीक्षा दी। पहली पाली में 8371 विद्यार्थी पंजीकृत थे। विद्यार्थियों का कहना है कि गणित के प्रश्न कठिन थे। दूसरी पाली दो से 4.30 बजे के बीच आयोजित की गई। इस दौरान अफसरों ने परीक्षा केंद्रों का जाकर निरीक्षण किया। जहां पर भी कोई खामी नजर नहीं आई।
ऑटो वालों ने मनमाना किराया वसूला
सीटेट परीक्षा 28 केंद्रों पर आयोजित हुई। इस दौरान विद्यार्थी अपने केंद्र तक पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शे का सहारा लिया। सुबह ठंड अधिक होने से साधन भी कम थे। ऐसे में ऑटो चालकों ने विद्यार्थियों से मनमाने रुपये वसूले। जिस जगह का किराया 10 रुपये था, वहां का 30 रुपये तक किराया वसूला। ऐसे में विद्यार्थियों ने मजबूरी में परीक्षा केंद्र पर पहुंचने के चक्कर में उनको मनमाना किराया देते रहे।
नोडल प्रभारी ने नहीं दी कोई जानकारी
सीटेट परीक्षा को लेकर केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य सुनील कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया था। लेकिन प्राचार्य लापरवाह दिखे। परीक्षा के एक दिन पहले से लेकर परीक्षा की समाप्ति तक न तो किसी मीडिया कर्मी का फोन उठाया, न ही परीक्षा को लेकर कोई जानकारी दी। ऐसे में मीडियाकर्मी परीक्षा की जानकारी को लेकर बड़े अफसरों से शिकायत की, फिर भी उनको जानकारी नहीं मिल सकी।
‘पूरा होगा शिक्षक बनने का सपना’
परीक्षार्थी विनीता रावत ने बताया कि सीटेट परीक्षा का प्रश्नपत्र ठीक था। इसका हल करने में कोई खास दिक्कत नहीं हुई। उम्मीद करते है रिजल्ट भी बेहतर आएगा। अनीता देवी ने बताया कि शिक्षक बनने का सपना देखा है। उम्मीद करते है इस परीक्षा को पास करके अपने सपनों को पूरा करूंगी। उसी सपने को लेकर बेहतर तरीके से परीक्षा दी है। प्रियांशु सक्सेना ने बताया कि कोविड प्रोटोकाल के अनुसार परीक्षा कराई गई। परीक्षा केंद्र पर व्यवस्थाएं भी ठीक नजर आई। शिवपूजन का कहना है कि प्रश्नपत्र में कुछ प्रश्न अधिक कठिन थे। उनको सॉल्व करने में थोड़ी दिक्कत हुई। इसकी वजह से इन प्रश्नों पर समय अधिक लग गया था।