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43 शौचालय बने नहीं, निकाल ली धनराशि

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रामपुर मथुरा/सीतापुर। ग्राम निधि के खाते में शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भेजी गई थी। बावजूद इसके 43 शौचालयों का निर्माण नहीं कराया गया। जबकि धनराशि खाते से निकाल ली गई। यह आरोप ग्रामीणों ने लगाते हुए सीडीओ को शपथ पत्र पर शिकायत की है। पूर्व में भी शिकायत की थी। लेकिन कार्रवाई नहीं हो सकी है।
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन में जिम्मेदारों द्वारा गड़बड़ी की जा रही है। विकास क्षेत्र रामपुर मथुरा की ग्राम पंचायत तुलसीपुर खरिका में योजना के तहत 299 लाभार्थियों की सूची बनी थी। जिसमें सभी लाभार्थियों की धनराशि भी आई, लेकिन ग्राम प्रधान व सचिव ने 43 लाभार्थियों के शौचालय नहीं बनवाए। जबकि धनराशि खाते से निकाल ली गई। यह आरोप गांव के ही राकेश, रामकुमार, संतोष, देशराज, मुन्नी देवी, राम सहारे, बलदेव सिंह आदि ग्रामीणों ने लगाया है।
पूर्व में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो लाभार्थियों ने शपथ पत्र पर अपनी अपनी अर्जी लिख कर मुख्य विकास अधिकारी को देकर जांच की गुहार लगाई है। कई माह बीत जाने के बाद भी कार्यवाही सिफर है। खंड विकास अधिकारी अशोक चौरसिया बताया जिन लाभार्थियों के शौचालय नहीं बने हैं। उनकी जांच एडीओ पंचायत से कराई जाएगी। सचिव को मेरे स्तर से नहीं हटाया जा सकता है।
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जिम्मेदारों द्वारा पशुबाड़ा अपात्रों को दिए गए हैं। यह आरोप सुधीर, मंशाराम, देशराज आदि ग्रामीणों ने लगाते हुए आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत की है। शिकायत की जांच आरोपी सचिव ने किया। उनके द्वारा मनमानी आख्या लगा दी गई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि ग्राम प्रधान व सचिव द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की जांच संबंधित सचिव द्वारा की जाएगी तो कैसे भ्रष्टाचार बेनकाब हो पाएगा।
ग्राम पंचायत की सचिव गीतांजलि वर्मा हैं। आरोप है की सचिव ग्राम पंचायत को कभी भी नहीं आती हैं। सरकार द्वारा जो भी योजनाएं संचालित हैं, उनका लाभ नहीं मिल रहा है। अर्पित कुमार, संदीप, अंकित मिश्रा, शीतला प्रसाद, विवेक कुमार, कुलदीप आदि ग्रामीणों का आरोप है कि योजनाओं का लाभ सिर्फ प्रधान के चहेतों को दिया जा रहा है। परिवार रजिस्टर नकल व अन्य प्रमाण पत्र भी नहीं दिए जाते हैं। खंड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर सचिव को ग्राम पंचायत से हटाए जाने की मांग की गई है।
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