चक्रतीर्थ को संवारने में जुटा प्रशासन।
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विकास की रैंकिंग में जिले ने बेहतर प्रदर्शन किया है। शासन से शुक्रवार को जारी ताजा रैंकिंग में प्रदेश के अन्य जिलों को पीछे छोड़ते हुए सीतापुर दूसरे पायदान पर पहुंच गया हैं। जबकि सितंबर माह की जनपदवार रैंकिंग में सीतापुर 67वें पायदान पर था।
मालूम हो कि शासन द्वारा जारी 53 विकास के प्राथमिकता कार्यक्रमों के तहत 80 ऑनलाइन प्रारूपों की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर रैंकिंंग जारी होती है। हर महीने शासन स्तर पर विकास कार्यक्रमों एवं सरकारी योजनाओं की समीक्षा कर जनपदवार ग्रेडिंग की जाती है।
सितंबर माह में सूबे की ग्रेडिंग में सीतापुर जनपद 67वें पायदान पर था। खराब रैंकिंग पर मंडलायुक्त लखनऊ ने गहरी नाराजगी जताई थी और डीएम को पत्र भेजकर सुधार लाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद डीएम ने ब्लॉकवार जारी योजनाओं व कार्यक्रमों की कड़ी समीक्षा व मानीटरिंग शुरू की।
डीएम के निर्देश पर सीडीओ सहित अन्य जिला स्तरीय अफसरों को फील्ड में लगाया गया। डीएम ने हर हाल में अक्टूबर माह की प्रगति सुधारने के निर्देश अफसरों को दिए थे। इसके तहत अवकाश के दिनों में बैठकें व भ्रमण के कार्यक्रम जारी रहे। शुक्रवार को शासन स्तर से जारी की गई रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में सीतापुर दूसरे नंबर पर पहुंच गया है।
लखनऊ सहित मंडल के अन्य जिले पिछड़े
अक्टूबर माह की रैंकिंग में सीतापुर ने मंडल के अन्य जिलों को काफी पीछे छोड़ दिया हैं। हाल यह रहा कि लखनऊ प्रदेश के 75 जिलों में से 74वें नंबर पर पहुंच गया। जबकि उन्नाव 72वें, रायबरेली 66वें, हरदोई 46वें, लखीमपुर खीरी 43वें व बाराबंकी 38वें पायदान पर पहुंच गए हैं।