एसओजी व साइबर सेल ऑपरेशन सीवाई वज्र चलाते हुए 40 संदिग्धों को बुधवार देर रात हिरासत में लिया गया है। यह आरोपी साइबर अपराध और म्यूल अकाउंट्स से जुड़े हैं। अपर पुलिस अधीक्षक (साइबर) आलोक सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम, एसओजी और 15 थानों की कुल 45 संयुक्त टीमों ने मिलकर कार्रवाई की है।
इस अभियान के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर चिन्हित म्यूल अकाउंट धारकों और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन, पूछताछ और तकनीकी जांच की गई। जांच के दौरान कई बैंक खाते इन्वेस्टमेंट फ्रॉड, ऑनलाइन सट्टेबाजी और अन्य साइबर अपराधों से जुड़े पाए गए।
इसके अतिरिक्त, संदिग्ध लोकेशनों से जुड़े व्यक्तियों के सत्यापन में स्पैम कॉलिंग और अन्य संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों का भी खुलासा हुआ है। इस ऑपरेशन के तहत लगभग 40 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उनके बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। कमीशन लेकर अपने बैंक खाते उपलब्ध कराने और बेचने के कार्य में संलिप्त पाए गए। तीन मुख्य आरोपियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत करने की कार्रवाई की जा रही है।
आमजन से पुलिस की अपील, रहें सतर्क
पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी लालच या कमीशन के बदले अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल नंबर, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध कॉल, अनजान लिंक या लुभावने ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।