महोली के नरनी में शनिवार देर रात कतर्निया से आए बायोलाजिस्ट की टीम ने एक बाघिन को ट्रेंकुलाइज करके पकड़ लिया है। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि बाघिन को पकड़ने में सफलता मिली है। शनिवार रात उसे इलसिया स्थित वन विभाग के कार्यालय में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। रविवार सुबह मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।
बता दें कि महोली के नरनी गांव में बुधवार की रात पडवे का शिकार करने के बाद बाघिन लापता हो गई थी। शनिवार सुबह बाघिन को नरनी के पास गन्ने के खेत में लोकेट किया गया। बाघिन अपने दो शावकों और एक बाघ के साथ पुराने मचान से 200 मीटर दूर मिली। सूत्रों के अनुसार ड्रोन कैमरे में चारों वन्य जीवों की गतिविधियां रिकॉर्ड की गईं थी। इसके बाद डीएफओ ने रणनीति बनाकर काम किया।
सीतापुर में वन विभाग की टीम ने बाघिन को पकड़ा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
40 टीमों के साथ डीएफओ व बायोलाजिस्ट ने संभाला मोर्चा
वन विभाग को जैसे ही एक ही खेत में चार बाघों की मौजूदगी की पुष्टि हुई। तत्काल कर्तनिया से एक विशेषज्ञ बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम ने ड्रोन से बाघों का पता लगाया। शनिवार रात 9 बजे से डीएफओ नवीन खंडेलवाल टीम के साथ जेसीबी में बाघिन के ठिकाने तक पहुंचे। 30 मिनट के प्रयास के बाद भी बाघों को ट्रैंकुलाइज नहीं किया जा सका। इसके बाद पचकारे बाबा के पास नया मचान बनाया गया। यहां पर टीम ने बैठकर बाघिन के मूवमेंट का इंतजार किया।
सीतापुर में बाघिन को पकड़ने वाली टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब रात सवा ग्यारह बजे बाघिन ने हलचल की। विशेषज्ञों ने सही मौका देखकर बाघिन पर ट्रकुलाईजर गन से डार्ट फायर किया। बाघिन करीब 100 मीटर दौड़कर बेहोश हो गई। इसके बाद आधे घण्टे के अंदर एक ट्रैक्टर-ट्राली पर तैयार पिंजरे में उसे कैद किया गया। कुल 40 लोगों की टीम ने कार्रवाई की है। डीएफओ नवीन खंडेलवाल के अनुसार, अनुकूल परिस्थितियों में अन्य बाघों को ट्रैंकुलाइज किया जाएगा।