नगर पालिका परिषद सीतापुर में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के डीएम ने आदेश दिए है। जिलाधिकारी ने संपत्ति कर वसूली से जुड़े मामले में उनके खिलाफ निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी है। आरोप है कि निजी कंपनी को भुगतान और कार्यादेश जारी करने में नियमों की अनदेखी की गई।
रिपोर्ट के अनुसार, नगर पालिका में संपत्ति कर की वसूली के लिए अप्रैल और मई 2026 में निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। इसमें न्यूनतम निविदादाता ज्ञान ज्योमैटिक्स प्राइवेट लिमिटेड, लखनऊ को कुल सॉफ्टवेयर के माध्यम से वसूली पर 12.5 प्रतिशत की दर से भुगतान किए जाने संबंधी अनुबंध और कार्यादेश एक जून 2026 को जारी किए गए।
जिलाधिकारी की रिपोर्ट में कहा गया है कि जमा होने वाले संपत्ति करों की समस्त धनराशि पर 12.5 प्रतिशत भुगतान का प्रावधान नियमों के अनुरूप नहीं है। प्रदेश के अन्य निकायों में भी ऐसी व्यवस्था नहीं होने का उल्लेख किया गया है।
वैभव त्रिपाठी का स्थानांतरण 31 मई 2026 को गाजियाबाद की लोनी नगर पालिका परिषद में हुआ था। इसके बाद एक जून को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि के साथ अनुबंध और कार्यादेश एक ही दिन जारी करना भी गंभीर मामला बताया गया है। रिपोर्ट में उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है।