जिला जेल के बाहर शुक्रवार को बहनों की भारी भीड़ उमड़ी। भैया दूज के मौके पर बेबसी के बंधन टूट गए। अपने-अपने भाइयों को तिलक करने से जेल की सलाखें भी बहनों को रोक नहीं पाई। डबडबाई आंखें, हांथों में कुल्हिया-चूरा व मिठाई का डिब्बा लिए सैकड़ों बहनें जेल गेट की तरफ निहार रही थीं।
युवतियां व महिलाएं अपने भाई से मिलने के लिए बेकरारी से लाइन में खड़ी अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। इसके अलावा कारागार में निरुद्ध कई महिलाओं से टीका लगवाने के लिए उनके भाई भी यहां पहुंचे। निर्धारित समय पर जेल प्रशासन ने इन बहनों से उनके भाइयों की मुलाकात कराई। माथे पर तिलक लगाकर भाई का मुंह मीठा करा बहनों ने उनके दीर्घायु की कामना की। जेल प्रशासन ने मिठाई व खाद्य सामग्री की जांच करने के बाद उन्हें अंदर ले जाने दिया।