भाई-बहन के अटूट प्रेम व स्नेह का प्रतीक भैया-दूज त्यौहार शुक्रवार को जिले भर में उमंग व उल्लास के साथ परंपरागत तरीके से मनाया गया। बहनों ने रंगोली व चौक बनाकर विधि-विधान से पूजा अर्चना की। जिसके बाद भाई को टीका लगाकर मुंह मीठा कराया और सुख-समृद्धि, वैभव व दीर्घायु की मंगल कामना की। जबकि भाइयों ने अपनी बहनों को तरह-तरह के उपहार के साथ रक्षा का वचन दिया।
इस पर्व का बच्चों में खासा उत्साह नजर आया। भइया-दूज के मौके पर शुक्रवार की सुबह से ही बहनें पूजा की तैयारी में व्यस्त दिखीं। घर के आंगन में गोबर से लीपकर स्थान पवित्र किया गया। उस स्थान पर गेरू, खडिय़ा व पिसे चावल के घोल से रंगोली बनाई। रंगोली पर बेर की डाल रखी गई। जिसके बाद बहनों ने स्नानादि कर नए वस्त्र पहने। शुभ मुहूर्त शुरू होते ही रंगोली पर विधि विधान से पूजा-अर्चना शुरू की।
पूजा के दौरान बहनों ने अपने भाइयों की मंगल कामना करते हुए सुख-समृद्धि, वैभव एवं दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा। इसके बाद बहनों ने थाली सजाकर अपने भाइयों को टीका लगाया। इस दौरान बहनों ने भाई का रोली व अक्षत आदि लगाकर अभिषेक किया और मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी अपनी बहनों को तरह-तरह के आकर्षक उपहार और रक्षा का वचन दिया। इस दौरान बहनों ने अपने भाइयों के लिए तरह-तरह के पकवान भी बनाए।
नन्हे-मुन्हे बच्चे इस पर्व को लेकर खासे उत्साहित दिखे। नए कपड़े पहनने व त्योहार की परंपरा का निर्वाहन करने का बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। त्योहार मनाने के लिए कई बहनें अपने भाई जबकि तमाम भाई अपनी बहनों के घर पहुंचे। हर घर में भैया-दूज पर्व का उल्लास दिखा।