सीतापुर। साहब... आवास पाने के लिए कई बार आवेदन किया। जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत भी लेकिन अभी तक आवास का सपना पूरा नहीं हुआ। बारिश होने पर परिवार रात भर जागता रहता है। छप्पर से पानी टपकता है। कई बार तो भीगने से बच्चे बीमार भी हो गए। कोई सुध लेने वाला नहीं है। सकरन निवासी दिव्यांग सुनीता ने इन्हीं शब्दों में अपनी पीड़ा राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा के सामने बयां की। वह शुक्रवार को तहसील सदर सभागार में मोबाइल कोर्ट लगाकर दिव्यांग जनों की समस्याएं सुन रहे थे।
तालगांव से आये दिव्यांग फैजान ने बताया कि दिव्यांग और पात्र होने के बावजूद उनको न्याय नहीं मिल पाने से वह काफी परेशान हैं। वहीं, दिव्यांग लवकुश की समस्या सुनकर लवकुश को बैसाखी उपलब्ध करा दी। कुल 38 दिव्यांगजनों ने भी सदर तहसील सभागार में आयोजित कोर्ट में अपनी समस्याओं को मोबाइल कोर्ट में रखा। मोबाइल कोर्ट ने सभी संबंधित विभागों को समस्याओं का निपटारा कराने का निर्देश दिया।
जांच का आदेश
दिव्यांग अमित कुमार ने बताया कि उन पर रंजिशन एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने प्राथमिकी दर्ज करा दी है। उस घटना में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कोर्ट ने मामले में जांच का आदेश दिया। इस मोबाइल कोर्ट में 38 दिव्यांग फरियादियों ने समस्या सुनाने के लिए अपना पंजीकरण करवाया। इसके बाद कोर्ट ने मामलों की सुनवाई की। इस दौरान पुलिस व प्रशासन के अन्य विभागों के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
एक माह में मिलेगी ट्राई साइकिल
महमूदाबाद से आए सतीश ने बताया कि उनको ट्राई साइकिल नहीं मिल पाई है। मोबाइल कोर्ट की जानकारी होने पर वह जैसे-तैसे करीब 60 किलोमीटर दूर से ट्राई साइकिल मिलने की तलाश में आए हैं। मोबाइल कोर्ट के आदेश पर उन्हें एक माह के अंदर ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
दिव्यांगों की समस्याओं को जल्द सुलझाएं
दिव्यांगों की समस्याओं को जल्द सुलझाने के लिए मोबाइल कोर्ट लगाई गई। इसमें दिव्यांगों ने समस्याएं बताईं। इन समस्याओं के निपटारे का निर्देश दिया है। इस कोर्ट की सबसे अच्छी बात है कि दिव्यांगों की समस्याओं को एक ही साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में सुना जाता है। मोबाइल कोर्ट दिव्यांगों को राहत पहुंचाने की दिशा एक सार्थक प्रयास है।
- प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन
हर मामले की करेंगे निगरानी
दिव्यांगों ने मोबाइल कोर्ट में जितनी भी समस्याएं बताई हैं। सबकी निगरानी की जाएगी। दिव्यांगों से उनकी समस्याओं के निपटारे को लेकर फीडबैक भी लिया जाएगा। लगातार ऐसे प्रयास होते रहेंगे।
- राज कुमार, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी सीतापुर