महमूदाबाद थाने में शिकायतें सुनते डीएम-एसपी। संवाद
महमूदाबाद। साहब... गांव के संदीप, बचान, राजेंद्र, लक्ष्मण आदि ने घूरा, सेप्टिक टैंक, बाथरूम आदि का निर्माण कर चकमार्ग पर कब्जा कर लिया है। इस रास्ते से छात्र-छात्राएं स्कूल जाते हैं। पूर्व में एसडीएम महमूदाबाद को शिकायती पत्र दिया था। इसके बाद नायब तहसीलदार और लेखपाल जांच करने गए। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह गुहार शेखपुर निवासी रामपाल ने शनिवार को महमूदाबाद कोतवाली में आयोजित थाना समाधान दिवस में जनसुनवाई कर रहे डीएम डॉ. राजा गणपति आर से लगाई। इस पर डीएम ने लेखपाल सरिता देवी को तलब किया। लेखपाल के जवाब से डीएम संतुष्ट नहीं हुए।
डीएम ने लेखपाल को फटकार लगाते हुए शाम तक अतिक्रमण हटवाकर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि आज ही कब्जा हटवाया जाए, लापरवाही हुई तो सस्पेंड कर दूंगा। इस दौरान एसपी अंकुर अग्रवाल समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। डीएम के थाना दिवस में पहुंचने की सूचना पर बड़ी संख्या में फरियादी पहुंचे।
कमलापुर संवाद के मुताबिक, थाना परिसर में शनिवार को अपराध निरीक्षक संतोष सिंह की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल तीन शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बिना बताए काट दी बिजली
महमूदाबाद के नई बाजार उत्तरी के आदित्य पोरवाल ने शिकायती पत्र देते हुए बताया कि 23 जून को बिजलीकर्मियों द्वारा घर का कनेक्शन काट दिया गया। कनेक्शन माता जी के नाम पर है और विभाग द्वारा पूर्व में इसका समझौता कराया जा चुका है। इसके बाद भी एसडीओ परमानेंट डिस्कनेक्शन का दबाव बना रहे हैं। एक्सईन भी नहीं सुन रहे हैं। डीएम ने अधिशासी अभियंता को फोन कर मामले के निस्तारण के निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने पाट दी नाली
महोली कोतवाली क्षेत्र के महेवा निवासी अमरपाल वर्मा, सुनील सिंह आदि ने थाना समाधान दिवस में शिकायती पत्र देते हुए बताया कि गांव में जलनिकासी के लिए बनी नाली को कुछ ग्रामीणों ने पाट दिया है। इससे गांव की जलनिकासी अवरुद्ध है। शिकायतकर्ताओं ने नाली को कब्जा मुक्त कराते हुए जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की।
राजनीतिक द्वेषवश उक्त पेड़ों को काट दिया
लहरपुर में आयोजित थाना समाधान दिवस में क्षेत्र के ग्राम सोंसरी निवासी छोटेलाल ने प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि उनकी भूमि गाटा संख्या 314 पर 47 पेड़ लगे थे। पूर्व में हुई पैमाइश में उक्त पेड़ चकमार्ग में नहीं थे, लेकिन राजनीतिक द्वेषवश उक्त पेड़ों को काट दिया गया। छोटेलाल ने पेड़ों को काटे जाने की जांच कर कार्रवाई की मांग की। उपजिलाधिकारी न्यायिक बालकृष्ण सिंह ने पुलिस व राजस्व टीम को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।