सीतापुर। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को जिले के थानों की बागडोर बेटियों को सौंपकर सुरक्षा के साथ उन्हें नारी शक्ति की ‘शक्ति’ का अहसास कराया गया। चंद घंटे के लिए कोतवाल और थानेदार बनने वाली बेटियों में खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कोतवाली, थानों की बागडोर संभालने के अलावा छात्राओं ने पुलिस के कामकाज को बारीकी से जाना। थानाक्षेत्र का निरीक्षण किया, जांच से लेकर पेंडिंग विवेचनाओं की जानकारी की। सड़क पर उतर कर चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई भी की।
जिले में मिशन शक्ति के तहत पुलिस लगातार बेटियों को जागरुक कर हक और अधिकारों की बातें बता रही है। सोमवार को मनाये जाने वाले अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक दिन पहले रविवार को कप्तान आरपी सिंह ने जिले के कई थानों की बागडोर कॉलेज की छात्राओं को सौंपकर उनका मनोबल बढ़ाया। कोतवाली, थानों में थानेदार की कुर्सी पर बैठकर बेटियों ने पुलिसिंग की बारीकियां जानीं।
महोली संवाद के अनुसार 12वीं की छात्रा सुकृति मिश्रा को दो घंटे के लिए कोतवाली की कमान सौंपी गई। नई कोतवाल बनी सुकृति ने फरियादियों की परेशानी जानी। कार्यालय, बैरक, कम्प्यूटर कक्ष, महिला हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया। पुलिस जीप से कस्बे का राउंड लिया। अनुभव साझा करते हुये बताया कि दो घंटे के लिए कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस बीच पुलिस की कार्य प्रणाली से रुबरु होकर बहुत कुछ सीखने को मिला।
महिलाओं के प्रति पुलिस की सजगता व जागरूकता देखकर आत्मबल मजबूत हुआ है। सिधौली संवाद के अनुसार, नौवीं की छात्रा परी मिश्रा एक दिन की कोतवाल बनीं। लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके निस्तारण के निर्देश दिए। कोतवाली का निरीक्षण किया। सड़क पर उतर कर मय फोर्स वाहन चेकिंग भी की।
थानेदार बेटियों ने वाहन चेकिंग, जीप से लिया राउंड
प्रियंका गोस्वामी ने शहर के बाजार चौराहे पर वाहनों चेकिंग का अभियान चलाया। चार वाहनों का ई-चालान भी इस दौरान हुआ। लहरपुर संवाद के अनुुसार, 11वीं की छात्रा प्रियंका को कोतवाली की कमान दी गई। जिम्मेदारी मिलते ही प्रियंका गोस्वामी ने कोतवाली का निरीक्षण किया। कुर्सी पर बैठ लोगों की शिकायतें सुनी, एक शिकायत को सुनकर प्रियंका ने स्वयं जाकर मौका मुआयना किया।
महमूदाबाद कोतवाली की कमान भूमिका सिंह, सदरपुर एसओ छात्रा साक्षी त्रिपाठी, तंबौर एसओ सृजिका बाजपेयी को बनाया गया। अटरिया में बीए की छात्रा श्रद्धा बाजपेई, कमलापुर में आरुषि, पिसावां में रागिनी अवस्थी, मानपुर में स्वीटी सिंह व कृतिका देवी, रामपुर कलां में प्रांशी बाजपेई को थाने की कमान सौंपी गई।
मिश्रिख कोतवाली की कमान खाकी सरांय कस्बे की निवासी वैष्णवी चौरसिया को दी गई। नई कोतवाल ने कोतवाली का निरीक्षण कर जानकारी ली। एक दिन की कोतवाल बनने के बाद अधिकतर बेटियों ने अपने अनुभव साझा करते हुये बताया कि पुलिस किस तरह महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई करती है, हमने जाना। इस प्रयास से बालिकाओं व महिलाओं में अच्छा संदेश गया। हमारा भी आत्मविश्वास बढ़ा है।