बकाया मानदेय न मिलने से नाराज शिक्षामित्रों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। उसके बाद बीएसए को ज्ञापन सौंपा। जिसके जरिए कार्रवाई की मांग की।
शिक्षामित्र संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों शिक्षामित्र जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय के सामने एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों का कहना है पिछले सात माह से मानदेय नहीं मिला है।
जबकि इस संबंध में कई बार शासन व बीएसए को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद मानदेय लटका पड़ा है। जिसकी वजह से आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो गईं हैं। दशहरा, धनतेरस व दीपावली पर्व नजदीक है।
ऐसे में अगर मानदेय नहीं मिला तो त्यौहार मनाना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए शिक्षामित्रों को जल्द बकाया मानदेय दिया जाए। समायोजित शिक्षामित्रों को एरिअर का भुगतान किया जाए।
प्रशिक्षु शिक्षक चयन प्रक्रिया के तमाम वाद न्यायालय में लंबित पड़े है। न्यायालय के अनुपालन के अनुसार मौलिक नियुक्ति दी जाए।
अगर इन मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं होती संगठन सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष करने को मजबूर होगा। वहीं समायोजन रद्द होने से शिक्षामित्रों ने एकजुटता का आह्वान किया। न्यायालय में प्रभावी ढंग से पैरवी रखने के बात कही। इस मौके पर धर्मेंद्र पांडेय, रवि सहित सैकड़ों शिक्षामित्र मौजूद रहे।