सीतापुर। पहाड़ों पर बारिश और गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी से गांजर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शारदा नदी की उफान मारती लहरें खेतों व गांवों को चपेट में ले रही हैं। लहरपुर तहसील क्षेत्र के 64 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें से 21 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है।
कई घरों के भीतर बाढ़ का पानी भरा है। बाढ़ के पानी से घिरकर 43 गांव टापू बन गए हैं। यहां करीब 55 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है। खेत में लगी किसानों की फसलें भी बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। घरों, खेतों व रास्तों पर पानी भरने से बाढ़ पीड़ितों के सामने रहने-खाने व आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है। वहीं, शनिवार को बैराजों से 3.83 लाख क्यूसेक पानी फिर नदियों में छोड़ा गया है।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल ने बताया कि गिरिजापुरी के मीटर गेज से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक शनिवार को शारदा नदी का जलस्तर 135.50 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 01 सेमी ऊपर है। सरयू का जलस्तर 135.30 मीटर है, जो खतरे के निशान से 148 सेमी नीचे है। लखनीपुर, बरेती, रतनगंज, डबकहा एवं श्रीरामपुरवा में फ्लड फाइटिंग कार्य कराए जा रहे हैं। सभी स्थलों पर स्थिति नियंत्रण में है।
लहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार भदफर, तेजवापुर, टिकौना, रमुवापुर, रमपुरवा, डंडपुरवा, रतौली, सोंसरी, रतौलीडीह, मझरी कारिंदा, पट्टी दहेली, मझरी पासिन, बेलवा पसुरा, बेलवा डिंगुरा, कुसेपा समेत 64 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। द्विगपाल, लवकुश, हुकुम व नारायण ने बताया कि 21 गांवाें के सैकड़ों घरों में पानी भर गया है। गृहस्थी का काफी सामान खराब हो गया है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवागमन के मार्ग जलमग्न हो जाने से ग्रामीण और पशुओं को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। रामू, सुरेंद्र, फुरकान, अतीक, सद्दाम, अमेरिका व नाजिया ने बताया कि प्रभावित गांवों के परिषदीय विद्यालयों में भी पानी भर गया है। भारी संख्या में ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित ठिकाने पर डेरा डालकर शरण लेने को मजबूर हैं।
बीईओ बेहटा विभा सचान ने बताया कि अभी स्कूलों में छुट्टी है, सोमवार तक यदि हालात नहीं सुधरे तो प्रभावित स्कूलों के बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। लहरपुर एसडीएम आंकाक्षा गौतम ने बताया कि शनिवार को कारागार राज्यमंत्री सुरेष राही के साथ दंडपुरवा व तेजुवापुर में एक हजार बाढ़ पीड़ितों को राहत किट का वितरण किया गया है। एसडीएम ने बताया कि 1500 लंच पैकेट भी बाढ़ पीड़ितों में बंटवाए जा रहे हैं।
ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित इलाके में पहुंचे सपा सांसद
धौरहरा के सापा सांसद आनंद भदौरिया ने शनिवार को अपनी लोकसभा क्षेत्र की हरगांव विधानसभा के महसी, सलारपुर, बरेती, खालेपुर, मुगलपुर, कुसेपा, पट्टी दहेली आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया। रास्तों पर पानी भरा होने से सांसद ट्रैक्टर पर सवार होकर प्रभावित गांवों में पहुंचे। सांसद आनंद भदौरिया ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं जानीं। हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। नायब तहसीलदार व लेखपाल से गांवों में हुए नुकसान का सर्वे कराते हुए मुआवजा दिलाने और बाढ़ राहत सामग्री वितरित कराने के लिए कहा है।
पानी घटा, समस्याएं जस की तस
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू के तटवर्ती अखरी, निरंजनपुरवा, अंगरौरा, जगरूपपुरवा, सोतीपुरवा, बलेसरपुरवा, गोमती पुरवा, सुंदरपुरवा, लोधनपुरवा, बाबाकुटी, प्यारेपुरवा, कंधई घाट व कनरखी आदि में भरा बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है। सुंदरपुरवा निवासी जगन्नाथ, श्रीपाल, प्रकाश व रामू ने बताया कि पानी कम होने के बद अब रास्तों पर कीचड़ समस्या बना हुआ है। आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। शंकर, कीड़ी, हरी आदि ने बताया कि घरों के अंदर भी कीचड़ है। इसलिए तटबंध पर ही शरण लिए हैं। कटान पीड़ितों ने राशन वितरण के साथ पशुओं के लिए भूसे की मांग तहसील प्रशासन से कि है। महमूदाबाद तहसीलदार अनिल कुमार राम ने बताया कि बाढ़ का पानी घटने से हालात सामान्य हो रहे हैं। दो दिनों से कटान भी बंद है।