अपर सत्र न्यायालय ने गैर इरादतन हत्या व मारपीट के मामले में दो भाइयों को सजा सुनाई है। इनमें एक को सात वर्ष की कैद तथा दूसरे को छह माह के कारावास की सजा मिली है। जुर्माना भी लगाया गया है। मुकदमे की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद असलम ने की।
अभियोजन पक्ष के अनुसार छह अगस्त 2013 को लहरपुर के ग्राम जगदीशपुर कोरैया निवासी स्वामी दयाल का पुत्र रामपाल खेत में मेड़ बांध रहा था। उसी दौरान रामपाल के भाई नीरज वर्मा व रमाकांत वहां पहुंचे। इन दोनों ने रामपाल पर हमला बोल दिया।
इसी बीच गांव के चैतू व गुड्डू आदि दौड़कर खेत पर पहुंचे, उन्हें देखकर हमलावर फरार हो गए लेकिन तब तक रामपाल घायल हो चुका था। अस्पताल जाने से पहले ही रामपाल ने दम तोड़ दिया। मामले में रामपाल के एक भाई प्रदीप ने नीरज वर्मा व रमाकांत के खिलाफ गैर इरातन हत्या आदि धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन संतोष कुमार ने दोनों को दोष सिद्ध किया। न्यायाधीश ने रमाकांत को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास व पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। मारपीट के मामले में छह माह के कठोर कारावास व 500 रुपये का अर्थदंड लगाया।
अर्थदंड न देने पर तीन माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं, नीरज को छह माह के कठोर कारावास व 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थ दंड न अदा करने की दशा में एक सप्ताह का साधारण कारावास भुगतना होगा।