सीतापुर। जिले के परिषदीय स्कूलों में कूटरचित प्रपत्रों पर नौकरी कर रहे सात शिक्षक पकड़े गए हैं। इन सभी के टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) और डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन) के अंकपत्र फर्जी पाए गए हैं। बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि सातों शिक्षकों की सेवा समाप्त करने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। जिले में अब तक 26 शिक्षकों के दस्तावेज कूटरचित पाए गए हैं। इन सातों को मिलाकर फर्जी शिक्षकों का आंकड़ा 30 के पार पहुंच गया है।
बीएसए डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि वर्ष 2024 में बेसिक शिक्षा विभाग में 12460 शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इसमें जिले में करीब 1100 शिक्षक तैनात हुए थे। इन सभी के अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। करीब 800 शिक्षकों के अभिलेख जांचे जा चुके हैं। हाल ही में सात शिक्षकों के अभिलेख कूटरचित पाए गए हैं। गहन जांच के बाद इन शिक्षकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। साथ ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को सभी आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने और उसकी प्रतिलिपि बीएसए कार्यालय में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि इन शिक्षकों ने सरकारी नौकरी पाने के लिए टीईटी और डीएलएड के अंकपत्रों में हेरफेर किया था।
इन पर हुई कार्रवाई
कुसुमलता : खैराबाद ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय हाजीपुर में तैनाती थी। इनका टीईटी अंकपत्र फर्जी मिला।
मनीष सिंह : लहरपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भानपुर में कार्यरत थे। इनका टीईटी अंकपत्र फर्जी मिला।
भूपेंद्र कुमार : लहरपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गनेशपुर में तैनात थे। इनका टीईटी अंकपत्र फर्जी मिला।
पूजा : महोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बसारा में तैनाती थी। इनका टीईटी और डीएलएड अंकपत्र फर्जी मिला।
विवेक कुमार : महोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय महुआकोला में तैनाती थी। इनका टीईटी और डीएलएड अंकपत्र फर्जी मिला।
मुरारीलाल रावत : सकरन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ताजपुर में तैनात थे। इनका टीईटी अंकपत्र फर्जी मिला।
जय नारायण सिंह : सकरन ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय शिवपुरी में तैनाती थी। इनका टीईटी अंकपत्र फर्जी मिला।
जारी रहेगा सत्यापन
जिले में 12460 शिक्षक भर्ती के सहायक अध्यापकों के दस्तावेजों का सत्यापन कार्य चल रहा है। सात शिक्षकों के दस्तावेज कूटरचित मिले हैं। इन सभी पर एफआईआर के आदेश दिए हैं। इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। सत्यापन कार्य जारी रहेगा।
डॉ. गोरखनाथ पटेल, बीएसए, सीतापुर