अस्पताल में भर्ती विजय ने बताया कि दस साल पहले ट्रेन से गिरकर उसका दायां पैर कट गया था। इसके बाद से वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद के लिए कई बार राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा को प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीएम से मिलने की कोशिश की पर सफलता नहीं मिली। कोई उम्मीद न देख उसने आत्मदाह करने का फैसला किया और सुबह करीब साढ़े आठ बजे प्लास्टिक की बोतल में केरोसिन व सब्जी काटने वाला चाकू लेकर पत्नी सीमा, बेटे शिवा तथा बेटी शिवानी के साथ बस से राजधानी आ गया।
विधानसभा भवन के सामने पहुंचते ही विजय ने चाकू निकालकर पेट में मार लिया। खून देख पत्नी-बच्चे चीखने लगे तो आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। इस बीच विजय ने चाकू अपनी बेल्ट में खोंस लिया और साथ लाए केरोसिन की बोतल खोलकर शरीर पर उड़ेल ली।
आननफानन सचिवालय चौकी इंचार्ज जेबी पांडेय ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। इसके बाद पुलिस ने चाकू छीनकर उसे सिविल अस्पताल भेजा। उसके पेट में 13 टांके लगे हैं।