महमूदाबाद के व्यापारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले सीमा इससे पहले कोई चुनाव नहीं लड़ी हैं। पहली बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ीं और जीत हासिल की। अब सपा ने उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया है।
इससे पहले बसपा विधायक व पूर्वमंत्री रामहेत भारती की पत्नी ऊषा भारती के खिलाफ शिव कुमार गुप्ता अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। न्यायालय के फैसले के बाद वह अपने छोटे भाई की पत्नी मधु गुप्ता को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाने में सफल हुए थे।
शिव कुमार गुप्ता भी इससे पहले बसपा सरकार में पीसीएफ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। प्रदेश में सपा सरकार बनी तो शिव कुमार गुप्ता हवा का रुख भांपते हुए साइकिल पर सवार हो गए। बसपा के कद्दावर नेता व पूर्व राज्यमंत्री रामहेत भारती की धर्मपत्नी ऊषा भारती के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कराने के बाद लंबी लड़ाई लड़ी थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन्होंने अपने छोटे भाई हरिओम की धर्मपत्नी मधु गुप्ता को जिला पंचायत अध्यक्ष बनवाया। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की जंग सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी, लेकिन इस प्रतिष्ठापूर्ण सियासी उठापटक में शिवकुमार ने ऐसा जाल बिछाया कि विरोधी चारों खाने चित हो गए।
इस सियासी घटनाक्रम के बाद उनका कद काफी मजबूत हो गया। सपा में उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अपनी पत्नी को टिकट दिलवाकर उन्होंने राजनीतिक पंडितों के कयासों व अटकलों पर विराम लगा दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने के लिए सपा के ही कई कद्दावर नेता जोर आजमाइश कर रहे थे, लेकिन उन सभी को पीछे छोड़ उन्होंने अपनी पत्नी को मैदान में उतार दिया।