सीतापुर। जिला अस्पताल में बुधवार को कई चिकित्सकों की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं। एक दवा काउंटर बिना किसी जानकारी के बंद रहा। इस वजह से अधिकतर मरीज बिना दवा लिए ही लौट गए। सीबीसी की मशीन खराब होने से मरीजों की खून की भी जांच नहीं हो पाई। यह हाल तब जब मंगलवार को कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही चिकित्सकों को फटकार लगा चुके हैं। उन्होंने एक बिटिया को इलाज उपलब्ध कराने के साथ चिकित्सकों से दोबारा ऐसी गलती न करने की नसीहत दी थी। उधर, सीएमएस कक्ष में सीएमएस भी 11:15 मिनट तक नहीं दिखे।
ओपीडी में सुबह 10:40 मिनट पर सर्जन डॉ. तौसीफ इलाही के कक्ष में अंधेरा था। वह अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं थे। 10:45 मिनट पर चर्म रोग विशेषज्ञ अपनी कुर्सी पर मौजूद नहीं थीं। मरीज बाहर बरामदे में बैठकर तीन घंटे से इंतजार कर रहे थे। यहीं पर स्थित शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ का कक्ष बंद मिला। अस्पताल के पीछे परिसर स्थित ओपीडी में सुबह 11 बजे फिजीशियन डॉ. अरशद जमाल की कुर्सी खाली थी।
बाहर इंतजार कर रहे मरीजों का कहना था कि सुबह से डॉक्टर नहीं आए हैं। यही हाल फिजीशियन डॉ. रचना गौड़ का था। फिजीशियन डॉ. रवि शेखर की भी कुर्सी सुबह 11:05 मिनट तक खाली पड़ी थी। फिजीशियन डॉ. अनुपम मिश्रा अपने कक्ष में 10:55 मिनट तक नहीं पहुंचे थे। उनकी कुर्सी पर बैठकर एक ट्रेनी चिकित्सक मरीजों को परामर्श दे रही थीं। (संवाद)