बुधवार दोपहर 12:20 बजे रेलवे स्टेशन पर पूरी तरह सन्नाटा पसरा था। रेलवे के कर्मचारी अपने कामों में व्यस्त थे। कई जगह लावारिस वस्तुएं पड़ी थीं। पुराने स्टेशन भवन के प्रतीक्षालय में लावारिस बैग रखा था। सुरक्षा के नाम पर लापरवाही नजर आ रही थी। यहां अलर्ट को लेकर कुछ खास नजर नहीं आया। हां, इतना जरूर था कि जीआरपी व आरपीएफ के जिम्मेदार व पुलिस कर्मी किसान आंदोलन को लेकर अलर्ट दिख रहे थे।
दोपहर 12:48 बजे रोडवेज बस स्टेशन पर लापरवाही नजर आई। बस स्टैंड पर पुलिस चौकी के पड़ोस ही लावारिस बैग रखा था। पुलिस चौकी के बाहर कोई पुलिस कर्मी भी नजर नहीं आया। रैन बसेरे में भी लावारिस बैग रखा था। कोई पूछने वाला नहीं था। खास बात यह कि यहां एक काफी पुराना धूल भरा एक लावारिस स्कूटर भी खड़ा था। खाली बसों की पड़ताल हुई तो वहां भी लावारिस बैग रखा मिला।
कचहरी में भी सुरक्षा को लेकर लापरवाही नजर आई। पड़ताल की गई तो लोग बेरोक टोक लोग कचहरी में आते-दिखे। ड्यूटी पर लगे पुलिस कर्मी आपस में गपशप करते नजर आए। ऐसा ही हाल कचहरी के गजानन भवन के सामने वाले गेट पर भी दिख रहा था। एक पुलिस कर्मी तैनात था, लेकिन वह भी गैर जिम्मेदार की तरह ड्यूटी अंजाम दे रहा था।
सीतापुर। ये तीन केस शहर की सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत बयां करने के लिए काफी है। चाहे रेलवे स्टेशन, रोडवेज बस स्टैंड हो या फिर लोगों से भरी कचहरी हो... हर जगह लापरवाही ही नजर आई। लखनऊ में पीएफआई के दो संदिग्ध आतंकी पकड़े जाने के बाद भी सीतापुर पुलिस का ये लापरवाही अमर उजाला टीम की पड़ताल में बुधवार को सामने आई। हर जगह लापरवाही ही नजर आई।
यूपी में अलर्ट के बाद भी शहर में सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर बरती जा रही लापरवाही सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रही है। लखनऊ में पीएफआई के दो संदिग्ध आतंकी पकड़े गए हैं। पीएफआई का 17 फरवरी को स्थापना दिवस भी था। ऐसे में प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन सीतापुर में अलर्ट यहां नहीं दिखा। ऐसा तब हो रहा है, जब यहां सीएए-एनआरसी को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच जिले के पीएफआई से जुड़े कुछ संदिग्ध लोग पकड़े भी जा चुके हैं।
फिलवक्त पीएफआई से जुड़े लोगों की गतिविधियों के बारे में जिले में कोई मामला सामने नहीं आया है। अलर्ट को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस पूरी तरह चौकन्ना है। हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
अलर्ट को लेकर गोपनीय सूचनाएं आती है। यहां पीएफआई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारियां हैं। ऐसे लोगों पर बराबर नजर रखी जा रही है।
- एनपी सिंह, एएसपी साउथ