सीतापुर। कोर्ट ने नगर के एक चर्चित व्यापारी सहित दो लोगों को चार-चार वर्ष के सश्रम कारावास व पांच-पांच हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इससे पहले जिला प्रशासन रमन साहनी को भू-माफिया घोषित करते हुए कई कार्रवाई कर चुका है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के प्रमुख ईंट भट्ठा व्यवसायी हाशाराम द्वारा रमन साहनी व उनके पिता पेशावरी लाल के विरुद्ध अपनी जमीन का फर्जी तरीके से बैनामा कराने व उस पर लगे पेड़ों को कटवाकर जान माल की धमकी देने का मुकदमा 9 सितंबर 2010 को दर्ज कराया था। इस मामले में विवेचना करते हुए पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। दौरान मुकदमा पेशावरी लाल की मृत्यु हो जाने, रमन साहनी व उनके सहयोगी सरोज अवस्थी के विरुद्ध न्यायालय में आरोप प्रेषित किए गए।
न्यायालय ने इस मामले को चोरी व उद्दापन का मामला पाते हुए अभियोजन साक्ष्य आमंत्रित किए। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य ने मामला चोरी व उद्दापन का पाते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी बीडी गुप्ता ने आरोपी रमन साहनी व सरोज अवस्थी को दोषी करार दिया। दोनों को चार-चार वर्ष क सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। रमन साहनी के विरुद्ध जमीन के ही कुछ मामलों को लेकर प्रशासन पूर्व में कुछ मुकदमे दर्ज करा चुका है। जिसमें उनकी कुछ संपत्ति भी सील की जा चुकी है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी शरद श्रीवास्तव द्वारा की गई।