सीतापुर। कोरोना के संक्रमण की रफ्तार कम पड़ते ही सोमवार को विद्यालय खोल दिए गए। पहले दिन विद्यालयों व सड़कों पर रौनक दिखाई दी। विद्यार्थी मास्क लगाकर आते-जाते हुए दिखाई दिए। सरकारी विद्यालयों में जहां छात्र संख्या कम रही, वहीं प्राइवेट विद्यालयों में काफी भीड़ दिखाई दी। कोरोना के कारण दिसंबर के आखिरी सप्ताह में एक सप्ताह के लिए विद्यालय बंद हुए थे। उसके बाद कोरोना संक्रमण तेजी से फैलना लगा था। इसकी वजह से पूरे जनवरी माह में विद्यालय बंद रहे। छह फरवरी तक अवकाश घोषित कर दिया गया था।
अब जब कोरोना की रफ्तार कम हुई तो पहले चरण में माध्यमिक विद्यालय खोल दिए गए है। सोमवार को कक्षा 9वीं से डिग्री कॉलेज खोल दिए गए। इससे विद्यालयों में काफी दिनों बाद रौनक दिखाई दी। विद्यार्थियों को कॉलेज के बाहर हैंड सैनिटाइज करवाए गए। मास्क के साथ उनको प्रवेश दिया गया। प्राइवेट कॉलेजों में जहां छात्र संख्या काफी अधिक दिखाई दी, सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम रही। शिक्षकों ने बताया कि स्कूल खुलने का पहला दिन था। ठंड भी काफी अधिक हो रही है। अब छात्र संख्या बढ़ेगी।
मास्क के साथ मिला प्रवेश
सुबह 9:15 बजे नवीन चौक स्थित एलपीएस में बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए आते दिखाई दिए। स्कूल के बाहर खड़े कर्मचारी ने उनके हाथ सैनिटाइज करवाएं। विद्यार्थी मास्क लगाए थे। उसके बाद उनको स्कूल के अंदर प्रवेश दिया गया। क्लास रूम में बच्चे कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार पढ़ाई करते हुए दिखाई दिए।
प्रधानाचार्य का बंद मिला कक्ष
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सीतापुर 9:15 बजे एक शिक्षक को छोड़कर बाकी कोई मौजूद नहीं मिला। प्रधानाचार्य का कक्ष बंद था। कुछ छात्राएं स्कूल के अंदर मास्क लगाकर आती हुई दिखाई दी। हिन्दू कन्या पाठशाला में इसी तरह के नजारे दिखाई दिए। शहर के आर्य कन्या इंटर कॉलेज में छात्राएं कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार पढ़ाई कर रही थी।
परीक्षा की तैयारियों पर हुई चर्चा
पहले दिन विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के बारे में जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षा के केंद्र निर्धारित हो गए है। 10 मार्च को मतगणना होगी। उसके बाद ही यूपी बोर्ड परीक्षा कराई जाएगी। इसलिए परीक्षा में अधिक समय नहीं बचा है। विद्यार्थी अपनी परीक्षा की तैयारियों में जुट जाए। जिससे अच्छे अंक आ सके।
मास्क के साथ मिला प्रवेश
कोरोना के बाद सोमवार को स्कूल खुल गए है। पहले दिन कोविड प्रोटोकॉल के अनुसार कक्षाएं संचालित की गई। मास्क के साथ ही विद्यार्थियों को प्रवेश दिया गया।
- देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस