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स्कूलों में मनमानी का ताला तो कहीं अव्यवस्था का बोलबाला

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सीतापुर। कोरोना की दूसरी लहर में लॉक हुए जिले के विद्यालयों के ताले गुरुवार से अनलॉक हो गए, लेकिन इसके बाद भी कई स्कूलों में मनमानी के ‘ताले’ लटकते नजर आए। लापरवाही और मनमानी यहीं पर नहीं रुकी। कोरोना काल के 102 दिन बाद स्कूल खुलने पर भी कई जगहों पर शिक्षक समय से नहीं पहुंचे। कई जगहों पर शिक्षक समय से पहुंचे।
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तीन माह के लंबे अंतराल के बाद स्कूल खुलने पर कई स्थानों पर अव्यवस्थाएं हावी दिखी। स्कूलों के बाहर परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां खड़ी थी तो अंदर कक्ष में सीट पर धूल जमी थी। अमर उजाला की पड़ताल में ये हकीकत सामने आने के बाद अब जिम्मेदार जांच कराकर कार्रवाई की बात कह रहे हैं। कोरोना की दूसरी लहर के बढ़ते कहर के बीच सरकार ने 20 मार्च से स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया था।
सरकार के आदेश के बाद स्कूल बंद हो गए थे, लेकिन कोरोना काल का बुरा वक्त और संक्रमण की दूसरी लहर अब काबू में है। हालात धीरे-धीरे पटरी पर लौट रहे हैं। सरकार ने एक जुलाई से स्कूल खोलने और शिक्षकों के आने का आदेश दिया था। गुरुवार यानी एक जुलाई से जिले के स्कूल खोल दिए गए।
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स्कूल खुलने पर समय से शिक्षक पहुंचे या नहीं, सफाई-व्यवस्था कैसी रही, पहले दिन स्कूल खुलने पर शिक्षकों ने कैसे काम किया, इसको लेकर अमर उजाला की टीम ने शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों के कई स्कूलों की पड़ताल कर हकीकत परखी। पड़ताल में कहीं स्कूल में दोपहर तक ताला लटकता रहा। शिक्षकों के आने की बात तो दूर, स्कूल तक समय से नहीं खोला गया।
कहीं स्कूल खुला मिला तो समय से शिक्षकों ने आने की जरूरत नहीं समझी। इतना ही नहीं, स्कूल के अंदर अव्यवस्थाएं भी पहले दिन हावी दिखी। स्कूल में उगी खड़ी बड़ी-बड़ी झाड़ियां, कक्ष में सीट पर पड़ी धूल सिस्टम की व्यवस्था की पोल खोलने भर के लिए काफी है।
नदारद मिलीं हेडमास्टर
शहर के प्राथमिक विद्यालय चौबे टोला में सुबह 10:30 बजे अमर उजाला की टीम पहुंची। इतने समय तक हेडमास्टर स्कूल में नहीं थीं। हेडमास्टर के कमरे में ताला लटक रहा था। स्कूल में टीम को एक रसोइया मनोरमा मिली। हेडमास्टर के स्कूल में नहीं होने के सवाल पर रसोइयां ने जवाब देते हुए कहा कि मैडम कहीं गई हैं। आईं हैं या नहीं, इस सवाल पर वह कुछ नहीं बोलीं।
‘बीएसए ऑफिस गईं हैं मैडम’
इस्माइलपुर प्राथमिक विद्यालय में टीम 10:45 बजे पहुंची। यहां भी हेडमास्टर नहीं थीं। स्कूल की तीन शिक्षिकाएं मौजूद थी। हेडमास्टर के स्कूल में नहीं होने के सवाल पर शिक्षिकाओं ने कहा कि बीएसए ऑफिस में काम है। मैडम वहां हैं। स्कूल परिसर पर जगह-जगह पर अव्यवस्था दिखी। कक्ष के अंदर पड़ी बेंच पर धूम जमी थी और बाहर बड़ी-बड़ी घास उगी खड़ी थी, उसे मजदूर काट रहे थे।
स्कूल में लटकता रहा ताला
शहर के प्राथमिक विद्यालय विजय लक्ष्मीनगर में टीम 11:45 बजे पहुंची। सुबह आठ बजे स्कूल खुलने का समय होने के बाद भी दोपहर होने तक स्कूल में शिक्षकों के आने की बात तो दूर विद्यालय का ताला तक नहीं खुला था।
गैरहाजिर अध्यापकों पर होगी कार्रवाई
तहसील सिधौली क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय धारानगर सुबह 8:10 मिनट पर बंद मिला। विद्यालय गेट पर ताला लटक रहा था। शिक्षक-शिक्षिकाएं स्कूल से गैरहाजिर थीं। एबीएसए पुष्पेंद्र जैन का कहना है कि जांचकर कार्रवाई की जाएगी। विद्यालय नहीं आने वालों से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। शहर के प्राथमिक विद्यालय प्रेमनगर में अमर उजाला की टीम 11:10 बजे पहुंची, जहां पर एक महिला शिक्षक मौजूद मिलीं। स्कूल परिसर में खड़ी बड़ी-बड़ी घास को लेकर सवाल करने पर वह टीम से बोल पड़ी कि कोई काटने वाला हो बता दीजिए।
कटवा लेंगे। सिधौली तहसील के प्राथमिक विद्यालय लक्षमनपुर में सुबह 8:35 बजे तक ताला लटक रहा था। यही नहीं प्राथमिक विद्यालय मुरहाडीह में 8:40 तक कोई भी नहीं आया था। प्राथमिक विद्यालय टड़ई कलां में दोहपर 1:15 पर ताला लटकता मिला। जानकारी करने पर पता चला कि स्कूल खुला था, लेकिन समय से पहले बंद हो गया।
स्कूल खुलने का समय सुबह आठ बजे और बंद होने का समय दो बजे था। ये आदेश सभी के लिए था। अगर कहीं समय से स्कूल नहीं खुला है या शिक्षक नहीं पहुंचे तो इसकी जांच बीईओ से कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई होगी। स्कूलों में साफ-सफाई के लिए कई दिन पहले ही डीपीआरओ से कहा था। बैठक में भी ये बात कही थी। कुछ जगहों पर शिक्षकों ने खुद ही सफाई कराई है।
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- अजीत कुमार, एबीएसए
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