बाउंड्रीवाॅल फांदकर स्कूल जाते नौनिहाल
प्राथमिक विद्यालय ददेवरा सुबह 7.40 बजे बंद था। कुछ देर तक नौनिहालों ने गुरु जी का इंतजार किया। जब गुरु जी नहीं आए तो वह स्कूल की बाउंड्रीवाॅल फांदकर स्कूल के अंदर प्रवेश कर गए। इसी प्रकार प्राथमिक विद्यालय सिरधरपुर में पंजीकृत 76 के सापेक्ष केवल 13 नौनिहाल ही मिले।
रोज नहीं बनता भोजन, प्रसाधन बदहाल
प्राथमिक विद्यालय आदिलपुर में 73 के सापेक्ष केवल 20 नौनिहाल ही मिले। यहां पर बुधवार को दूध भी नहीं बांटा गया। तहरी बनी थी। लेकिन वह गुणवत्ता विहीन थी। तहरी में चावल टूटे हुए नजर आ रहे थे। हल्दी की क्वालिटी बहुत ही खराब दिखी। नौनिहाल बिन्देश्वरी, सानू व अंशू ने बताया कि खाना रोज नहीं बनता है। प्रधान जी का जब मन चाहे तब खाना बनवा देते है। यहां पर बना प्रसाधन बदहाल दिखा।
विकास खंड मछरेहटा के अधिकांश स्कूलों के यही हालात हैं। यहां की प्राइमरी शिक्षा बेपटरी हो चुकी है। शिक्षक स्कूल समय को फॉलो नहीं कर रहे हैं। वह मनमाने तरीके से स्कूल खोलते व बंद करते हैं। इसके अलावा नौनिहालों को मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है।
अगर दिया जाता है तो उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है। मगर जिम्मेदार आंख मूंदे हुए हैं। जिलाधिकारी ने भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूल का समय परिवर्तित कर दिया है। सुबह सात से 11 बजे तक स्कूल संचालित होंगे, लेकिन इसका असर शिक्षकों पर नहीं पड़ रहा है।
वह सात के बजाए कभी आठ तो कभी साढ़े आठ बजे के करीब स्कूल खोल रहे हैं। ऐसे में नौनिहाल वापस घर चले जाते हैं। वहीं स्कूल में उनको बेहद खराब गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा है। मगर जिम्मेदार इनका औचक मुआयना तक करना जरूरी नहीं समझ रहे हैं।
जांच के बाद कार्रवाई
जिन स्कूलों में कमियां मिली हैं। उनको कल ही दिखवा लूंगा। कुछ जगहों पर कम बच्चे कहकर प्रधान खाना नहीं बनवा रहे हैं। इसकी शिकायत बीएसए से करूंगा। अगर कहीं पर देर से स्कूल खुल रहे हैं तो जांचकर कार्रवाई की जाएगी।
-शैलेंद्र कुमार शुक्ला बीईओ मछरेहटा