रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू का उफान अब कम हो रहा है। बुधवार को नदी का जलस्तर 117.80 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 119.00 मीटर से 1.20 मीटर कम था। बीते तीन दिनों से कोई घर नहीं कटा है। बताया जाता है कि नदी धीरे-धीरे उत्तम पुरवा की ओर बढ़ रही है। यह गांव की नदी की धारा से महज 40 मीटर दूर रह गया है। कटान की गति बहुत मंद होने से ग्रामीणों में दहशत न के बराबर है।
शुकुलपुरवा के प्रधान श्रीराम ने संतोष व्यक्त करते कहते हैं कि बीते तीन दिन से सरयू की जद में कोई घर नहीं आया है। लोधनपुरवा गांव का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। सुंदरपुरवा में सीताराम तथा भारत के घर बचे हैं। इनके घरों की दूरी नदी से करीब पांच मीटर ही बची है। अखरी प्रधान जन्मेजय सिंह ने बताया कि जलस्तर कम होने से तटवर्ती गांव प्यारेपुरवा के लोगों ने आशंका जताई है कि कहीं बाढ़ न आए। दीपावली का त्नयोहार जदीक आ रहा है। इससे पहले घरों की सफाई हो जाएगी।
देर से आई बाढ़ के कारण फसल का ज्यादा नुकसान करने वाली चौका नदी का जलस्तर जस का तस बना हुआ है। बांसुरा, गौरा, जरावन व सरैया सहित करीब 20 गांवों के लोगों की सैकड़ों एकड़ फसल में भरा पानी भरा है। किसानों को भय है कि धान की तैयार फसल सड़ सकती है। हालांकि, किसान नाव व अन्य तरीकों से अपनी डूबी फसल की कटाई कर बाहर निकाल रहे हैं।
सरयू का जलस्तर लगातार कम होने से स्थितियां सामान्य हो रही हैं। चौका नदी का जलस्तर भी मामूली रूप से कम हुआ है। चौका नदी से हुए नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। 33 प्रतिशत से अधिक क्षति होने वालोें को मुआवजा दिलवाने का नियमानुसार प्रयास किया जाएगा।
अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद