सीतापुर। जिले में संत रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। राजनीतिक दलों के दफ्तरों में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया गया। तहसील क्षेत्र में शोभायात्रा निकाली गई। उनके जीवन पर प्रकाश डाला। विद्यालयों में भी उनके कार्यों का बखान करते हुए पुष्प अर्पित किए गए। विश्व हिन्दू महासंघ की ओर से 22 फरवरी से जयंती समारोह के तहत कार्यक्रम किए जा रहे हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी की अध्यक्षता में गोष्ठी हुई। संत रविदास के व्यक्तित्व पर चर्चा की। स्वतंत्रता सेनानी चन्द्र शेखर आजाद की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विश्व हिन्दू महासंघ की ओर से सिविल लाइन स्थित मनीष मेहरोत्रा के आवास पर जिलाध्यक्ष अनुराग मिश्र ने कहा, संतों व महत्माओं का देश है। जो हम भारतवासियों को एकता व समरूपता का संदेश देता है।
कार्यक्रम में अजय विश्कर्मा, सत्य प्रकाश कटियार, राजेश मिश्र आदि मौजूद रहे। मैथोडिस्ट मिशन गर्ल्स जूनियर हाई स्कूल में संत रविदास के चित्र पर प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रीती सिंह सहित शिक्षिका डैलफीना डिविन, लता रानी सिंह, आशुतोष सिंह यादव, ममता श्रीवास्वत, शिवा शुक्ला, मीनाक्षी पॉल आदि ने पुष्प एवं माल्यार्पण कर नमन किया।
खैराबाद संवाद के अनुसार कम्पोजिट विद्यालय जमैयतपुर में संत रविदास की जयंती धूमधाम से मनाई गई। चित्र पर प्रधानाध्यापक योगेन्द्र पान्डेय सहित सभी शिक्षकों ने पुष्प एवं माल्यार्पण किया। प्रभारी प्रधानाध्यापक योगेन्द्र पांडेय ने संत रविदास के जीवन इतिहास पर प्रकाश डाला। शिक्षक संदीप तिवारी, ममता अग्निहोत्री, अर्चना मिश्रा, रागिनी श्रीवास्तव, स्मिता गुप्ता ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।
सिधौली संवाद के अनुसार, सामाजिक सद्भाव के मार्गदर्शक व प्रेरणास्रोत संत रविदास की जयंती नगर में शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। ढोल नगाड़े, बैंड बाजे के साथ भव्य शोभा यात्रा कस्बा के महमूदाबाद चौराहा पर स्थित पंचायती रविदास मंदिर से निकाली गई।
इसमें संत रविदास के जीवन पर आधारित तरह-तरह की झांकियों में बैठे संत रविदास के साथ ही संत कबीर, डॉ. आम्बेडकर, ज्योतिबाराव फू ले तथागत गौतम बुद्ध आदि महापुरुषों से संबंधित मनमोहक झाकियां लोगों का आकर्षण का केंद्र रहीं।
लहरपुर संवाद के अनुसार नगर के मोहल्ला बेहटी स्थित विमला सद्भावना परिसर में संत रविदास की जयंती मनाई गई। हरिद्वार से आए संत चंद्रभानानंद, सुमित्रा बाई, चंद्रवती बाई ने उपस्थित श्रद्धालुओं को महान संत के आदर्शों की अपनाने और उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की सलाह दी। इस दौरान रामनिवास दीक्षित, कन्हैया लाल, छोटे लाल, संजय खरे आदि मौजूद रहे।