कार्तिक पूर्णिमा पर प्रसिद्ध मां संकटा देवी मंदिर ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना। मंदिर परिसर 11 हजार दीप मालाओं से जगमगा उठा। वाद्य यंत्रों पर देवी-देवताओं की हुई सुर-तालपूर्ण महाआरती में शामिल हजारों लोग भाव-विभोर हो उठे।
प्रसिद्ध मां संकटा देवी मंदिर में देव दिवाली पर आयोजित सीनियर एवं जूनियर वर्ग के विद्यार्थियों की आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में करीब 250 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर भारत माता, भगवान शंकर, कृष्ण, श्रीराम, मयूर, श्री गणेश, दुर्गा मां सहित अन्य देवी-देवताओं व अन्य विषयों पर आधारित प्रेरणादायक मनोहारी रंगोलियां बनाईं।
मुख्य मंदिर समेत सभी मंदिरों व पूरे परिसर को 41 भागों में बांटकर बेहतरीन ढंग से सजाया गया। सांस्कृतिक मंच की सज्जा बहुत मनोहारी थी। सायं साढे़ छह बजे एक साथ दीप मालाएं जलाई गई तो दृश्य बहुत मनोहारी हो गया। भव्य महाआरती में गणेश जी, शंकर जी, हनुमान जी तथा मां संकटा देवी की आनंदमयी आरती वाद्ययंत्रों पर हुई।
महाआरती के बाद पवित्र सरोवर में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा किए गए दीपदान से सरोवर में झिलमिलाते दीपकों से आभा मनमोहक हो उठी। मंदिर समिति अध्यक्ष आरके वाजपेई, पं. सुरेंद्र शास्त्री, ओम प्रकाश गुप्त, अखिलेश गुप्त, हरिनाम राठौर समेत हजारों लोग मौजूद रहे।