कल्ली चौराहा (सीतापुर)। नैमिषारण्य के संतों ने मंगलवार को ग्वाली स्थित गोशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान 12 गोवंश बीमार व बेहोशी की हालत में मिलने पर नाराज संतों ने पुलिस को बीडीओ के विरुद्ध तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। महंत संतोष दास खाकी का आरोप है कि मछरेहटा थाना प्रभारी प्रभात गुप्ता ने केस दर्ज करने इन्कार कर दिया। सभी संत डीएम व सीएम से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
मंगलवार को गो रक्षा के प्रांतीय अध्यक्ष महंत संतोष दास खाकी, महंत नारायण दास, अवध प्रांत के धर्माचार्य विश्व हिंदू परिषद के विमल जी, सुरेश दास, राम सुमिरन, अनुभव दास, अभिषेक सिंह, प्रीतम दास आदि संत व महंत ग्वाली स्थित गोशाला पहुंचे। गो आश्रय स्थल का मुख्य गेट बंद था। सभी संतों से दूसरे गेट से अंदर आने को कहा गया।
महंत संतोष दास द्वारा उसी गेट से अंदर जाने की बात कहने पर गेट खोला गया। निरीक्षण के दौरान गोशाला में दो गोवंश बेहोशी की हालत में तिरपाल के नीचे ढके मिले। करीब 10 गोवंश घायल अवस्था में मिले। पूछने पर केयरटेकर मोहनलाल ने बताया कि 148 पशु संरक्षित हैं। संतों ने बताया कि गोशाला में हरा चारा नहीं था। कुछ गोवंश सूखा भूसा खा रहे थे।
यह देखकर महंत ने बीडीओ गोंदलामऊ, पंचायत सेक्रेटरी व प्रधान पति को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे नाराज महंत ने मछरेहटा थाने में प्रार्थना पत्र देकर संबंधितों पर कार्रवाई की मांग की। महंत संतोष दास खाकी ने बताया कि थाना प्रभारी प्रभात गुप्ता ने उनकी तहरीर पर बीडीओ के विरुद्ध केस दर्ज करने से मना किया। इस पर वह संतों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। बताया कि थाना प्रभारी प्रभात गुप्ता का बर्ताव सही नहीं था।
हंगामे के दौरान लगा जाम
संतों ने थाना परिसर में धरना देना शुरू किया तो मुख्य मार्ग पर जाम की नौबत आ गई। काफी देर बाद सीओ आलोक प्रसाद व बीडीओ मौके पर पहुंचे। दोनों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर संतों को किसी तरह मनाया। इसके बाद संतों ने धरना समाप्त किया।