गोंदलामऊ (सीतापुर)। 84 कोसी परिक्रमा मार्ग व पड़ाव स्थलों पर सुस्त प्रशासनिक तैयारियों से संतों में नाराजगी है। महर्षि गर्ग आश्रम रामगढ़ में संतों ने बैठक कर प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराया। कैलाश आश्रम, ककरघटा, कोरौना पड़ाव स्थल व कुनेरा का निरीक्षण कर परिक्रमा मार्ग व तीर्थों की बदहाल दिखाई।
संतों के अनुसार परिक्रमा का समय करीब आता जा रहा है, इसके बाद भी प्रशासन आवश्यक कार्यों को पूरा कराने में रुचि नहीं ले रहा है। इसी संबंध में मिश्रिख तहसील प्रशासन के साथ यह बैठक व निरीक्षण किया गया। मिश्रिख के नायब तहसीलदार व कानून-गो को समस्याओं से अवगत कराया गया।
नैमिषारण्य से पहली मार्च को 84 कोसी परिक्रमा शुरू होगी। हजारों परिक्रमार्थी ब्रह्म मुहूर्त में ट्रैक्टर-ट्रॉली, बैलगाड़ी, जीप-कार, साइकिल से एवं पैदल प्रथम पड़ाव कोरौना की तरफ कूच करेंगे। 84 कोसी परिक्रमा समिति के अध्यक्ष नारायण दास, सचिव संतोष दास, विमल मिश्र बजरंगी, मिश्रिख के नायब तहसीलदार रामसूरत यादव के संयुक्त निरीक्षण में नैमिष से कोरौना के मध्य परिक्रमा पथ बदहाल मिला।
लगभग 14 किमी. लंबे मार्ग पर औरंगाबाद, नगवापेड़ी, बबुरीखेर, जोगियाहार, पइरूवा, दक्खिन पट्टी में अतिक्रमण व जगह-जगह टूटी-उखड़ी सड़क पर बिखरी गिट्टियों पर चलने को मजबूर होना पड़ेगा। कुछ ऐसा ही हाल पहले पड़ाव से दूसरे पड़ाव हरैया के बीच भी है।
परिक्रमा पथ दुरुस्त नहीं कराया गया तो यहां भी परिक्रमार्थियों को कीचड़ भरे मार्ग से दो-चार होना पड़ेगा। रामगढ़ से महुकमगंज, कोदिकापुर, बकछेरवा व कैलाश आश्रम तक करीब चार किमी मार्ग कीचड़ युक्त है। मार्ग पर गिट्टियां बिखरी हुई हैं। इसके अलावा रामगढ़ से पहला तक लगभग दो किमी रास्ता भी बदहाल है। व्यवस्थाएं दुरुस्त न किए जाने से संत महात्माओं में रोष व्याप्त है।
रास्ते में गंदगी व कीचड़
परिक्रमा के कुछ ही दिन शेष हैं। इसके बावजूद परिक्रमा मार्ग जर्जर होने के साथ कीचड़ युक्त भी है। रामगढ़, सोनारी, पहला, कोदिकापुर, रानीखेर, अलीनगर बकछेरवा समेत कई गांवों में रास्ते में गंदगी की भरमार है। सड़कों पर जलभराव व कीचड़ है। नैमिष से चलकर कुनेरा होते हुए प्रथम पड़ाव कोरौना आने वाला मार्ग कैलाश आश्रम से भठखेरवा कच्चा मार्ग होते हुए ककरघटा तक जर्जर है।
- नारायण दास नन्हकू, अध्यक्ष, 84 कोसी परिक्रमा समिति
पांच वर्षों से बनी है समस्या
प्रथम पड़ाव कोरौना से दूसरे पड़ाव हरदोई जनपद के हरैया जाने वाला परिक्रमा मार्ग जर्जर व पथरीला है। यह कोई पहली बार की समस्या नहीं है। पिछले लगभग पांच वर्षों से संत महात्मा व श्रद्धालु इस समस्या से जूझ रहे हैं। अधिकारी आश्वासन का झुनझुना थमाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
-संतोष दास खाकी, सचिव, 84 कोसी परिक्रमा समिति
जल्द दूर होंगी समस्याएं
सभी समस्याओं को जल्द दुरुस्त करा दिया जाएगा। परिक्रमार्थियों को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं होने पाएगी।
- राम सूरत यादव, नायब तहसीलदार, मिश्रिख