मिश्रिख(सीतापुर)। किशोर-किशोरियों की मन की जिज्ञासाएं शांत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग उनके घर पर दस्तक देगा। एएनएम व आशा बहुएं किशोरों को काउंसलर तक पहुंचाकर उनकी समस्या का निदान कराएगी। इसके लिए जिले में पहला साथिया केंद्र मिश्रिख सीएचसी पर स्थापित किया गया।
बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री जय प्रकाश सिंह ने ई-माध्यम से इस केंद्र का उद्घाटन किया। जिलाधिकारी व सीएमओ ने युवाओं को इस केंद्र की खासियत के बारे में विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 10-19 वर्ष के किशोरों के लिए बनाया गया है।
इस कार्यक्रम के जरिए किशोरों के मन की जिज्ञासाएं व समस्या आसानी से दूर की जाएगी। इसके लिए मॉडल क्लीनिक के रुप में सीएचसी मिश्रिख पर एडोलेसेंट फ्रेंडली हेल्थ क्लीनिक (साथिया केंद्र) की स्थापना की गई है। सीएचसी पर स्थापित किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक पर काउंसलर के माध्यम से छह सेवाएं दी जाएगी।
इसमें पोषण, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, लिंग आधारित हिंसा एवं शारीरिक चोट, मादक द्रव्यों का सेवन की रोकथाम व गैर संचारी रोगों की रोकथाम आदि शामिल हैं। यह सेवाएं आशा, एएनएम के जरिए दी जाएगी। आशा व एएनएम गांव में किशोरों से बात करेगी। उनको काउंसलर तक पहुंचाकर समस्या दूर कराएगी।
जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने कहा इस केंद्र के माध्यम से किशोर-किशोरियों की समस्याएं दूर कर उनके सही तरीके से प्लेटफॉर्म मुहैय्या कराया जाएगा। सीएमओ डॉ. पीके सिंह ने कहा कि एक आंकड़े के अनुसार भारत में करीब 44-67 फीसद किशोरियां किशोरावस्था में ही गर्भ धारण कर लेती है।
इनमें अकेले उत्तर प्रदेश में ही चार लाख केस मिले हैं। इसलिए इस केंद्र की स्थापना की आवश्यकता महसूस की गई है। इस केंद्र के माध्यम से सभी समस्याएं दूर की जाएगी।