फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sitapur News: जलस्तर स्थिर होने से कटान का बढ़ा खतरा

Sat, 06 Jul 2024 02:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर मथुरा/रेउसा। सरयू नदी खतरे के निशान 119 मीटर से महज दो मीटर दूर है। नदी का पानी इस समय 117.30 मीटर पर स्थिर है। महमूदाबाद के रामपुर मथुरा इलाके में 10 गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। डर के कारण लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन


पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। नदी का बहाव भी निचले हिस्सों को ओर हो रहा है। शुक्रवार को नदी का जलस्तर 117.30 मीटर तक पहुंच गया। जबकि खतरे का निशान 119 मीटर है। दो दिन से जलस्तर स्थिर होने से अब कटान का खतरा बढ़ने लगा है। कटान से बचाने के लिए बनाए गए जिओ बैग व बंबू कैरेट पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं। इससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। वह सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की प्लानिंग शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है अगर इसी तरह पानी बढ़ता रहा तो किसी भी दिन बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो जाएंगे।


30 जून तक पूरा होना था काम

वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से अखरी के पास ड्रेजिंग व चैनिलैजेशन का कार्य कराया जा रहा है। यह 30 जून तक पूर्ण होना था। कार्य निश्चित समय पर पूर्ण नहीं हो सका। ग्रामीण तोरम ने बताया कि जलस्तर बढ़ जाने से आधा अधूरा कार्य लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। इस परियोजना का आम जन को कोई फायदा मिलने वाला नहीं है। ग्रामीण महादेव ने बताया कि यदि कटान रोधी कार्य समय से पूरा हो गया होता तो शायद काटन से छुटकारा मिल जाता, लेकिन सदैव कार्य में जानबूझकर देरी की जाती है।
विज्ञापन



दूर दे दिए पट्टे

तहसील प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए अंगरौरा, अखरी, प्यारेपुरवा, निरंजनपुरवा के 26 बाढ़ प्रभावित लोगों को करीब 10 किलोमीटर दूर रायसेनपुर में आवासीय पट्टा आवंटित किया है। जहां अधिक दूरी व जीविका का व्यवस्था न होने के कारण राकेश, जुगुल किशोर, फेरे, मानिया, शिवमंगल आदि पीड़ित नहीं जाना चाहते हैं। इन लोगों का कहना है कि हम लोगों को यहां बटाई के नाम पर जमीन मजदूरी उधार व्यवहार आदि बिल्कुल नहीं मिलता है। मजदूरी के कार्य भी नहीं मिलते है। हम लोगों को कही आस पास ही बसाया जाए। एसडीएम शिखा शुक्ला ने बताया कि लेखपाल के द्वारा आसपास काफी दिनों तक भूमि की तलाश की गई, लेकिन न मिलने पर उपयुक्त स्थान पर आवंटित किया गया है। अभी तक खराब सड़कों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है। तटबंध पर बने रेन कट को शीघ्र भरवाने के लिए सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया है।


बढ़ रहा पानी

रेउसा (सीतापुर)। बिसवां के रेउसा इलाके में भी जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ गई है। दुर्गापुरवा, पासिनपुरवा, निर्मल पुरवा, गवढी बजहा गांव के पास पानी पहुंच गया है। पानी पहुंचने से सहमे लोग ऊंचे स्थान की जुगत में जुट गये है। चहलारी घाट त्यागी महराज आश्रम के नजदीक पानी पहुंच रहा है। उपजिलाधिकारी मनीष कुमार, तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी ने स्थलीय निरीक्षण करके जायजा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें