अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण को लेकर नौ जुलाई को गुरुपूर्णिमा के दिन नैमिषारण्य से जनसंपर्क अभियान शुरू होगा। यह कहना है विद्या चैतन्य महाराज का। विद्या चैतन्य महाराज ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि मंदिर निर्माण की तारीख आपसी सहमति से तय होगी। मंदिर का निर्माण मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की अगुवाई में होगा। हालांकि इस मंदिर का निर्माण कब होगा। यह फिलहाल अभी तय नहीं है।
विद्या चैतन्य महाराज ने बताया कि हिंदुत्व समाज दशकों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण का सपना संजोए हैं पर सूबे में गैर भाजपाई सरकारों के चलते उनके स्वप्नों को पंख नहीं लग पाए थे। लेकिन अब सपनों को साकार करने का समय आ चुका है।
अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनकर रहेगा। इस मंदिर के निर्माण के लिए प्रदेश के सभी साधु-संतों को एकजुट किया जाएगा। इन्हें एक सूत्र में पिरोने के लिए अभियान चलाया जाएगा। अभियान की शुरुआत नौ जुलाई को गुरु पूर्णिमा से होगी।
अभियान में सबसे पहले नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम में स्वामी नारदानंद महाराज की समाधि को प्रणाम करेंगे। वहां से प्रदेश के सभी साधु-संतों एकजुट करने के लिए जनसंपर्क यात्रा पर निकलेंगे।
उनका कहना है कि नैमिषारण्य से वह अयोध्या जाएंगे। वहां पर राम मंदिर के सूत्रधार रामचंद्र परमहंस की समाधि को नमन करेंगे और साधु-संतों से संवाद कायम कर उन्हें एकजुट करेंगे। बाद में वहां से गोरखपुर, वृंदावन और हरिद्वार जाएंगे और वहां पर संतों से संवाद कायम कर मंदिर निर्माण के लिए उनका समर्थन जुटाएंगे।