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Sitapur News: पुण्य की कामना को लेकर आस्था की डगर पर निकल पड़ा रामादल

Tue, 12 Mar 2024 11:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। भक्ति रस में डूबी श्रद्धालुओं की टोलियां..., ढोल-मंजीरे की जुगलबंदी से प्रस्फुटित करतल ध्वनि पर थिरकते साधु-संत..., रामनाम के जयघोष की गूंज...। पुण्य की कामना में आस्था की डगर पर कदमताल करता रामादल पौराणिक 84 कोसी परिक्रमा में अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय छटा बिखेरता नजर आया। नैमिषारण्य की पावन धरा से सोमवार को ब्रम्ह मुहूर्त में घंटा-घड़ियाल व शंखनाद के मध्य डंका बजते ही रामादल 252 किलोमीटर की परिक्रमा पर निकल पड़ा। दोपहर होते-होते 15 किमी की यात्रा कर परिक्रमार्थी पहले पड़ाव कोरौना में डेरा जमाने लगे। यहां रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार सुबह रामादल दूसरे पड़ाव हर्रैया के लिए रवाना होगा।
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सोमवार की भोर 3:50 बजे थे। नैमिषारण्य आने वाले हर तरफ के मार्गों पर रोज की अपेक्षा श्रद्धालुओं की चहल-पहल कुछ अधिक थी। पहले महंत नारायण दास, महंत संतोष दास, व्यास पीठाधीश्वर अनिल शास्त्री, महंत अंजनी दास, रंजीत शास्त्री, विनीत मिश्रा इत्यादि बैंड बाजे के साथ चक्रतीर्थ पहुंचते हैं। यहां प्रधान पुजारी राज नारायण पांडेय विधिवत पूजन कराते हैं। वहीं, नारियल फोड़ने के बाद संत-महंतों ने भगवान गणेश का दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यहां से संतों का दल मां ललिता देवी मंदिर चौराहे पर पहुंचता है। महंत नारायण दास के डंका (नगाड़ा) बजाते ही परिक्रमार्थी आस्था की डगर पर पहले पड़ाव कोरौना की ओर रवाना होने लगते हैं। वहीं, स्वागत द्वार पर एसडीएम मिश्रिख पंकज सक्सेना, सीओ मिश्रिख राजेश यादव, तहसीलदार सौरभ यादव, चेयरमैन प्रतिनिधि बबलू सिंह, थाना प्रभारी पंकज तिवारी ने महंत नारायण दास, संतोष दास, व्यास पीठाधीश्वर अनिल शास्त्री, अंजनी दास, रामानुज कुमारी माताजी, विद्यानंद सरस्वती, प्रधान पुजारी राजनारायण पांडेय, विमल मिश्रा का माल्यार्पण और अंगवस्त्र भेंटकर स्वागत किया।
संत-महंतों समेत परिक्रमार्थियों पर फूलों की वर्षा की गई। मोक्ष दायिनी परिक्रमा के पथ पर भजन-कीर्तन के बीच झूमते-गाते श्रद्धालुओं का कारवां पैदल ही आगे बढ़ा चला जा रहा था। परिक्रमा में बच्चे, बूढ़े, युवा, दिव्यांग तो शामिल ही थे। साइकिल, बाइक, चार पहिया वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर सवार होकर श्रद्धालु परिक्रमा कर रहे थे। हाथी-घोड़े, रथ और पालकी पर सवार साधु-संत परिक्रमा मार्ग पर अद्भुत छटा बिखेर रहे थे। राम-नाम का उद्घोष करता रामादल आस्था की डगर पर उत्साह से सराबोर होकर कदमताल करता नजर आ रहा था। जगह-जगह ग्रामीण स्टॉल लगाकर चाय-पकौड़ी, पूड़ी-सब्जी, हलवा आदि के साथ रामादल की अगवानी कर रहे थे।
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नैमिषारण्य से दोपहर होने तक श्रद्धालुओं का परिक्रमा मार्ग पर निकलना जारी रहा। उधर, करीब 15 किमी की दूरी तय कर परिक्रमार्थियों ने सुबह 11 बजे पहले पड़ाव कोरौना पहुंचकर बागों व खेतों में डेरा डालना शुरू कर दिया। पहले पड़ाव पर श्रद्धालु अपने-अपने डेरे पर स्नान व भोजन करने लगे। वहीं, साधु-संत धूरी रमाकर बैठ गए। परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला पहले पड़ाव पर शाम तक जारी रहा। रात्रि विश्राम के बाद यहां से श्रद्धालु मंगलवार की भोर दूसरे पड़ाव हर्रैया के लिए रवाना होंगे। इस परिक्रमा में 11 पड़ाव हैं। मिश्रिख में पंचकोसी परिक्रमा के बाद पूर्णिमा को परिक्रमा का समापन दधीचि आश्रम पर होगा।
चाक चौबंद दिखी सुरक्षा व्यवस्था
मिश्रिख क्षेत्राधिकारी राजेश यादव और नैमिष थाना प्रभारी पंकज तिवारी की अगुवाई में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद दिखी। परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह पुलिसकर्मी मुस्तैद रहे। परिक्रमार्थियों की सुरक्षा के अलावा पुलिसकर्मी उनकी हर संभव सहायता को लेकर भी तत्पर नजर आए।
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