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Sitapur News: जलकुंभी से तैयार की राखियां, रंग लाई महिलाओं की मुहिम

Sun, 18 Aug 2024 12:05 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। रक्षाबंधन पर्व पर भाइयों की कलाई पर जलकुंभी से तैयार आकर्षक राखियां शोभा बढ़ाएंगी। इसके लिए आरजू प्रेरणा समूह की संचालिका नाजिया के नेतृत्व में महिलाओं ने जलकुंभी से राखियां बनाई हैं। यह राखियां लोगों के विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए राखी के विशेष ऑर्डर भी मिल रहे हैं।
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मिश्रिख ब्लाॅक की ग्राम पंचायत शिवथान में आरजू प्रेरणा समूह की नाजिया के नेतृत्व में 30 महिलाओं ने जलकुंभी के रेशे से राखी तैयार की है। इसका प्रशिक्षण उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान में लिया था। जिसमें जलीय खरपतवार से उपयोगी उत्पाद बनाना सिखाया जाता है। नाजिया के मुताबिक इस बार जलकुंभी के रेशे से राखी तैयार की हैं। एक राखी की कीमत करीब 40 रुपये रखी गई है। सरकारी संस्थानों से राखी के ऑर्डर मिले हैं। जिन्हें समूह की महिलाएं दिन रात पूरा करने में लगी हैं।
चार वर्ष पूर्व शुरू हुआ समूह
नाजिया ने बताया कि वर्ष 2020 में आरजू प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की स्थापना की गई। शुरुआत में इसमें 10 महिलाएं जुडीं। अब तक 30 महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। बताया कि वर्ष 2022 में आरसेटी (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) से जलकुंभी से उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद काम शुरू किया। शुरुआती समय में गमला, घड़ी, पेन होल्डर व अन्य उत्पाद बनाए। बीते साल लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में स्टाॅल लगाया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इसका निरीक्षण कर सराहना की थी। नोएडा में भी स्टॉल लगाया गया।
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कई जिलों में बिक्री किये जलकुंभी के उत्पाद
नाजिया ने बताया कि जलकुंभी के उत्पाद कई जिलों को बेंच चुकी हैं। इस साल रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व के लिए उत्पाद तैयार किए हैं। इसके लिए राखियां, श्रीकृष्ण झूला, आसन बनाए जा रहे हैं। जलकुंभी का पहला ऑर्डर केवीके कटिया की ओर से मिला है। उन्हें 30 राखियां दी गई हैं। स्थानीय लोग भी इसे खरीद रहे हैं।

यह महिलाएं बनाने में कर रहीं सहयोग
नाजिया ने ने ग्रुप में कई जरूरतमंद महिलाओं को जोड़ा है। जिनमें मनीशा, सीमा, पूजा, नगमा, सलमा,उजमा, आबिदा खातून, साजिदा खातून, जोएना, इंदू, जूली, सीमा, जेबा खातून, सुवेबा खातून, आरजू खान, सफीना, सना खान, हिना, माया, बदरुन निशा, किरन, लक्ष्मी, मीनू, रिहान, मैसर जहां, सानेजहां, रोशन जहां, अनीता, नीलम, जुवेरिया खान आदि महिलाएं कार्य कर रही हैं। समूह की बैंक से कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) बनी है। इससे कारोबार करने में दिक्कत नहीं होती है।

लखनऊ की कंपनी से हुआ करार
जिला मिशन प्रबंधक अमरजीत सिंह ने बताया कि समूह के जलकुंभी संग अन्य उत्पादों की बिक्री के लिए लखनऊ की एक कंपनी से करार हुआ है। साथ ही एक मॉल में उत्पाद डिस्प्ले के लिए बात चल रही है।

मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित
नाजिया खातून को मास्टर ट्रेनर के रूप में चयनित किया गया है। उनकी ओर से रायबरेली, हरदोई, बरेली, मुरादाबाद व अन्य जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जलकुंभी से सामान बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। वर्तमान में वह सुल्तानपुर जिले में भी महिलाओं को प्रशिक्षण दे रही हैं।
- निधि बंसल, सीडीओ

सभी ने सराही नाजिया की मुहिम
जलीय खरपतवार से मूल्य संवर्धित वस्तु निर्माण पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ समाज में सकारात्मक सोच एवं प्रेरणा का परिचायक है। नाजिया खातून जिस हौसले और लगन व मेहनत से आगे बढ़ने में रुचि ले रही हैं, वह सभी के लिए एक प्रेरणादायक हैं।
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डाॅ. दया एस श्रीवास्तव, वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र, कटिया
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