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बारिश से सड़कों पर भर गया पानी

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सीतापुर। मानसून की पहली बारिश ने शहर की जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। शहर के सभी नाले कुछ ही देर में चोक हो गए। इससे सड़कें तालाब बन गईं। अव्यवस्था की जद में जिले के आला अधिकारियों के कार्यालय भी आ गए। इस वजह से अधिकारी से लेकर फरियादी तक सब गंदे पानी के बीच से होकर निकले।
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शनिवार सुबह की शुरुआत हल्की बारिश के साथ हुई। सुबह आठ बजे के बाद तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में हर तरफ जलभराव होना शुरू हो गया। शहर के सभी नाले सफाई न होने से चोक हो गए। इससे पानी ओवरफ्लो हो गया। तहसील परिसर पानी में डूब रहा। शहर के 25 से अधिक मोहल्लों में पानी भर गया। घरों के अंदर तक पानी घुस गया। इससे सरकारी कार्यालयों का कामकाज बाधित रहा। यह अव्यवस्था बारिश थमने तक जारी रही।
डीएम, एसपी व सीडीओ दफ्तर में भरा पानी
झमाझम बारिश से जिलाधिकारी, विकास भवन, अपर जिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में पानी भर गया। विकास भवन के सामने खड़ी गाड़ियां पानी में डूब गई। अधिकारी भी पानी के बीच से होकर निकले। नाले चोक होने से घंटों पानी भरा रहा। अधिकारी व फरियादी सब जलभराव से जूझते रहे। यही हाल एसपी कार्यालय व एनसीसी कार्यालय का भी रहा।
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सदर विधायक के घर में घुसा पानी
विजयलक्ष्मी नगर, आर्यनगर, लोहारबाग में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। सदर विधायक को भी जलभराव से दिक्कत हुई। विधायक के घर में पानी घुस गया। उनके घर के सामने से निकला नाला साफ न होने से बारिश में वह ओवरफ्लो हो गया। इन मोहल्लों की प्रमुख सभी सड़कों पानी से भर गई। लोग घंटों पानी निकालने के लिए जूझते रहे।
मोहल्लों के भी हालात बदतर
शहर की नवविकसित कॉलोनियां विकास नगर, श्रीनगर में तो हालात बद से बदतर हो गए। वहां पर पहले से ही जलनिकासी की समस्या बनी हुई थी। बारिश में गंदा पानी सड़कों पर बहता रहा। पूर्णागिरि नगर, मुंशीगंज, तरीनपुर सहित 25 से अधिक मोहल्लों का भी यही हाल रहा।
पालिका व प्रशासन की रही लापरवाही
शहर में 20 से अधिक नाले हैं। मानसून आने से पहले नगर पालिका द्वारा इनकी साफ-सफाई करा दी जाती है। लेकिन इस बार पालिका नालों को साफ ही नहीं करा सका।
इस वजह से सभी नाले चोक हो गए। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, जब डीएम कार्यालय तक पानी में डूब गया तो मोहल्लों की बात करना ही बेमानी है। बाशिंदों का कहना है कि इतना लापरवाह नगर पालिका कभी नहीं रहा। इसके लिए जिला प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं हैं।
अमर उजाला ने पहले ही चेताया था
अमर उजाला ने नगर पालिका के नालों की साफ-सफाई व्यवस्था की पोल एक दिन पहले ही खोल दी थी। शहरवासियों को आगाह कर दिया था कि शहर के नाले एक बरसात भी झेल नहीं सकेंगे। आखिर हुआ भी वही। शनिवार को माई सिटी के अंक में ...तो बारिश में जलमग्न होंगी शहर की सड़कें शीर्षक से प्रकाशित खबर रविवार को सच साबित हुई।
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