सुल्तानपुर। जिले में मानसून की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जून पूरी तरह सूखा गुजरने के बाद जुलाई में भी अब तक सामान्य से करीब 50 फीसदी कम बारिश हुई है। इसका सीधा असर धान की रोपाई पर पड़ा है, रोपाई पिछड़ रही है। लक्ष्य के मुकाबले अभी तक धान की रोपाई नहीं हो सकी है।
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में इस बार खरीफ सीजन में 1.28 लाख हेक्टेयर में खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें 1,00,864 हेक्टेयर में सिर्फ धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित है। धान के अलावा मक्का, ज्वार, बाजरा, श्रीअन्न, उड़द, मूंग, अरहर और तिल की भी खेती होगी।
इस बार जून और जुलाई में अब तक सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। मानसून भी इस बार 25 दिन की देरी से पहुंचा। पर्याप्त बारिश न होने से खेत सूखे पड़े हैं। कई स्थानों पर खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं।
मोटे अनाज की खेती में किसानों की बढ़ी रुचि
जिला कृषि अधिकारी राजपति शुक्ल ने बताया कि इस बार 1,00,864 हेक्टेयर में धान की रोपाई का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 60 फीसदी से अधिक किसानों ने धान की रोपाई कर ली है। उन्होंने बताया कि अभी भी धान की रोपाई चल रही है। ज्यादातर किसान धान की जगह मोटे अनाज की खेती की ओर रुख कर रहे हैं।
26 जुलाई से तेज बारिश की संभावना
मौसम विज्ञानी भूपेंद्र सिंह पटेल ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 32.0 और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वर्षा 4.6 मिलीमीटर दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि 26 जुलाई से तेज बारिश की संभावना है।