सीतापुर। काली घटाओं के बीच दिन में कई बार बरसने वाली रिमझिम फुहारों ने माघ के महीने में सावन का अहसास करा दिया। रुक-रुककर होने वाली बारिश और सर्द हवा से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा। न्यूनतम पारा शुक्रवार को दो डिग्री लुढ़ककर 12 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। शनिवार को भी बादल छाए रहेंगे।
कई इलाकों में फुहारें भी गिर सकती हैं। बारिश के बाद अगले सप्ताह न्यूनतम पारे में गिरावट आने से गलन परेशान करेगी। मौसम का इन दिनों अजब-गजब रंग देखने को मिल रहा है। मौसम में बदलाव के बाद बारिश का दौर दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे।
दिन में कई बार रिमझिम फुहारें बरसीं। जरूरी काम से ही लोग बाहर निकले। गुरुवार के मुकाबले न्यूनतम पारा दो डिग्री नीचे लुढ़क गया। जिससे ठंड बढ़ गई। बदली और फुहारों के बीच 5 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से चलने वाली सर्द हवा गर्म कपड़ों का भारी बोझ शरीर पर लादे रहने के बाद भी लोगों की कंपकंपी छुड़ाती रही।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्रवार को अधिकतम तापमान 17 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शनिवार को भी बादल छाए रहने के साथ जिले के कई स्थानों पर फुहारें पड़ सकती हैं। रविवार से मौसम खुलने के आसार हैं। लेकिन न्यूनतम पारे में गिरावट से गलन व ठिठुरन परेशान करेगी।
खेत में पानी न भरने दें किसान
बारिश से गेहूं, गन्ना व आलू की फसल को नुकसान नहीं है। जबकि मसूर, मटर, सरसों व चना के खेत में पानी भरने से फसलों के नुकसान का खतरा है। इसके लिए किसान खेत से पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें। खेत में पानी नहीं भरेगा तो नुकसान की कम संभावना है।
मवेशियों को बाहर खुले में न बांधें। इससे ठंड लगने का खतरा है। उन्हें बंद जगह पर रखें। काफी देर का रखा बासी (ठंडा) पानी पिलाने के बजाय ताजे पानी का सेवन कराएं। किसी भी तरह की परेशानी पर पशु चिकित्सक की सलाह लें।
-डॉ. वीके सिंह, कृषि वैज्ञानिक