सीतापुर। पेशी पर आए एक गैंगेस्टर ने शुक्रवार को सेशन हवालात में किसी धारदार से अपना हाथ काट कर खुद को जख्मी कर दिया। बंदी के हाथ काटने से पुलिस कर्मियों मेें हड़कंप मच गया। आननफानन में बंदी को जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल वापस कर दिया गया है। एएसपी, सीओ ने जांच की है।
बिसवां के जुलाही टोला निवासी सरफराज उर्फ छोटे (28) पुत्र नाजिर अहमद काफी अर्से से गैंगेस्टर के मामले में जिला कारागार में बंद है। शुक्रवार को उसे जेल से न्यायालय पेशी पर लाया गया था। यहां पेशी कराने के बाद उसे पुन: सेशन हवालात में बंद किया गया था।
इस बीच उसने किसी धारदार से अपना हाथ काटकर जख्मी कर दिया। खून से लथपथ हाथ देख बंदियों में हड़कंप मच गया। जानकारी होने पर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों की भी सांसें फूल गईं। आननफानन में कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।
साथ ही बंदी को जिला अस्पताल भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल वापस कर दिया गया है। बंदी का दावा है कि उसे फर्जी मामले में बंद कर दिया गया था। घटना की खबर पाकर एएसपी मधुवन सिंह, सीओ सदर एमपी सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जांच की।
कोतवाली प्रभारी बृजेश मिश्रा का कहना है कि बंदी ने ब्लेड जैसी वस्तु से हाथ की नस काट ली थी। उसका इलाज कराया गया है। हालत ठीक है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही की होगी जांच
एएसपी मधुवन सिंह का कहना है कि बंदी सरफराज करीब एक साल से जेल में बंद है। पेशी से वापस आने के बाद उसने किसी धारदार से खुद को जख्मी कर दिया था। मामले की जांच की गई है। बंदी के खिलाफ केस दर्ज कर सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों की लापरवाही की जांच की जाएगी। एसपी को पूरे मामले से अवगत करा दिया गया है।