मौसम का मिजाज गुरुवार देर रात अचानक बदल गया। तेज हवा के साथ मूसलाधार बारिश होने लगी। रुक-रुककर हुई बारिश ने मार्च में ही दिसंबर की सर्दी का अहसास करा दिया। वहीं अचानक हुई बारिश से फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है।
तेज हवा से खेतों में तैयार हो रही गेहूं की पौध गिर गई। वहीं खेतों में पानी भरने से दलहनी- तिलहन फसलों को काफी हानि हुई है। जिले में गुरुवार देर रात मौसम के मिजाज अचानक बदल गए। तेज हवा चलने लगी और आसमान में बादलों की रवानी शुरू हो गई।
देखते ही देखते गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। बारिश का दौर शुक्रवार को भी रुक-रुककर जारी रहा। सुबह करीब 10 बजे आसमान साफ होने पर सूर्यदेव ने दर्शन दिए, लेकिन कुछ ही देर में फिर बादल छा गए।
तेज हवाओं के बीच बारिश का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। इससे पारे में भी गिरावट दर्ज की गई। उधर, मौसम में अचानक आए बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवा से गेहूं गिरने तथा खेत में पानी भरने पर दलहनी, तिलहनी व आलू की फसल सड़ने की नौबत आ सकती है। पौधों में लगे फूल गिरने के साथ रोग लगने की आशंका से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी आ गई हैं।