सीतापुर। तंबौर क्षेत्र में झोलाछाप के इलाज के बाद छह वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार को जांच करने उसके घर पहुंची। टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही झोलाछाप घर छोड़कर भाग गया। मौके पर उसके नहीं मिलने पर टीम ने नोटिस जारी कर दो दिन में जवाब मांगा है। पीड़ित परिवार के बयान सोमवार को दर्ज किए जाएंगे।
तंबौर के नाउनपुरवा गांव के मजरा ढाखिन निवासी आदित्य यादव को एक अगस्त को बुखार आया था। परिजन उसे नाउनपुरवा गांव में इलाज करने वाले झोलाछाप के पास ले गए थे। आरोप है कि झोलाछाप ने बच्चे को दो इंजेक्शन लगाए। इसके बाद उसका शरीर नीला पड़ गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लखनऊ ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी से की गई थी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को जांच के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में रविवार को सीएचसी अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार टीम के साथ झोलाछाप के घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके पर कोई दवा या इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरण नहीं मिले। झोलाछाप भी घर पर मौजूद नहीं था।
सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि झोलाछाप को नोटिस देकर दो दिन में जवाब मांगा गया है। पीड़ित परिवार को सोमवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।