खैराबाद (सीतापुर)। दरगाह आलिया सादिया हजरत बड़े मखदूम साहब अलैहिर्रहमा में तीन दिवसीय 525वें उर्स के पहले दिन सायंकाल असर की नमाज हुई। इसके बाद हजरत ख्वाजा क़ुतुबुद्दीन बख्तियार काकी अलैहिर्रहमा का फातेहा संपन्न हुआ।
रात में महफिले समां का आयोजन किया गया, जिसमें कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किया। अंत में पुनः ख्वाजा कुतुब साहब का फातेहा हुआ। इस दौरान सज्जादानशीन नजमुल हसन उर्फ शोएब मियां ने कहा कि हमें आपस मे मेल-मिलाप से रहना चाहिए।
औलिया अल्लाह से मोहब्बत करें और उनकी तालीमात पर भी पूरी तरह अमल करें। नमाज की पाबंदी करें तथा अल्लाह व उसके रसूल के दामन को मजबूती से पकड़े रहें। इस मौके पर सज्जादगान में शोएब मियां, सैय्यद अजीजुल हसन रिज़वी मदनी मियां, हाजी सैय्यद फुरकानन वहीद हाशमी, मखदूम काजी बदरुद्दीन, सैय्यद अबान अलवी, वारिस खान, समर, अतीक आदि मौजूद रहे।