जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज नंदू यादव के भाई कल्लू को गुरुवार रात वहीं के कर्मचारियों के पीट दिया। इस मामले की खबर लगते ही मौके पर भाजपा नेता साकेत मिश्र अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंच गए और भर्ती मरीज को जबरन स्ट्रेचर पर लादकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए।
गंभीर रूप से जख्मी मरीज को दो घंटे तक खुले रखा गया। इससे मरीज की जान पर बन सकती थी। जबकि पीड़ित के परिवारीजनों का कहना था कि उसका ढंग से इलाज भी नहीं किया जा रहा है। उल्टे पीड़ित के भाई संग मारपीट भी की गई।
सूचना पर मौके पर पहुंचे एडीएम ने पीड़ित पक्ष से वार्ता कर उसे फिर से अस्पताल में भर्ती कराया। एडीएम ने इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उधर, अस्पताल प्रशासन का आरोप है कि महज राजनीति के लिए अस्पताल में भर्ती मरीज को चिकित्सक की सलाह के बगैर जबरन उठा ले गए।
इससे मरीज की जान को खतरा भी हो सकता था। अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में तहरीर कोतवाली में दी है। पुलिस ने भाजपा नेता पर गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
रामकोट के ग्राम शंकरपुर निवासी नंदू यादव (26) पिछले कुछ दिनों से जिला अस्पताल में भर्ती था। नंदू यादव का आरोप है कि उसके जख्मों में दर्द हो रहा था। भाई कल्लू इमरजेंसी गया था, उसी दौरान इमरजेंसी में मौजूद कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।
शुक्रवार को इस मामले को लेकर भाजपा नेता साकेत मिश्र समर्थकों संग जिला अस्पताल पहुंच गए। इसके बाद यहां भर्ती मरीज नंदू को जबरन स्ट्रेचर पर लादकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए। भाजपा नेता का कहना था कि जिला अस्पताल में अराजकता का माहौल है।
मरीज ने भी अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ढंग से इलाज न करने की बात कही। मरीज की शिकायत पर मौके पर पहुंचे एडीएम आरके तिवारी ने जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जबकि अस्पताल प्रशासन ने भाजपा नेता पर मरीज की जान जोखिम में डालने का आरोप लगाया है।
डिप्टी सीएमएस एके शुक्ला का कहना है कि मरीज की हालत बेहद गंभीर है। उसे लखनऊ रेफर किया जा चुका है। यहां पर उसका इलाज संभव नहीं है। इसके बावजूद परिवार उस मरीज का इलाज यहीं कराना चाह रहा है। भाजपा नेता ने गंभीर रोगी को बगैर डॉक्टरों की सलाह के बेड से उठा लिया और उसे लेकर अस्पताल से लेकर चले गए।
करीब दो घंटे तक मरीज बाहर रहा। इससे उसकी जान भी जा सकती थी। उसे सड़कों पर घुमाया गया। इससे संक्रमण का खतरा हो सकता था। पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा नेता के खिलाफ तहरीर दी गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नंदू के भाई से मारपीट की जो बात कही जा रही है, वह अस्पताल परिसर में नहीं हुई। न ही मरीज के घरवालों ने इस संबंध में कोई प्रार्थना पत्र दिया है और न ही पुलिस में शिकायत की है।
अस्पताल प्रशासन की तहरीर के आधार पर भाजपा नेता पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना व किसी के जीवन को खतरे में डालने समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।
परशुराम सिंह, प्रभारी निरीक्षक