शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रदर्शन के चलते करीब तीन घंटे तक सीतापुर-लखीमपुर मार्ग जाम रहा। इससे लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लगने से करीब एक घंटे बाद हालात सामान्य हो सके।
हरगांव के ग्राम कल्यानपुर निवासी रामपति (50) पैदल ही कहीं जा रहे थे। कलईनामा मोड़ के निकट एक वैन ने उसे टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार के सदस्यों ने उसे कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
देर शाम जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने रामपति को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ ले जाते समय उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे से नाराज परिवारीजन बुधवार सुबह करीब आठ बजे शव लेकर गांव के निकट सीतापुर-लखीमपुर मार्ग पर निकल आए।
यहां शव सड़क पर रख कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जिसकी वजह से सड़क पर लंबा जाम लग गया। करीब ढाई घंटे बाद एसडीएम सदर बीएन यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बात की। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि थाने की पुलिस मामले को दबाने में लगी है।
परिवार का आरोप था कि जिस वैन ने अधेड़ को टक्कर मारी थी। उस वाहन चालक को पुलिस को सौंप दिया गया था। सुबह न तो थाने में वैन थी और न चालक। पुलिस ने रुपये लेकर चालक व वाहन को छोड़ दिया। परिवार के सदस्य घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
हंगामा कर रहे लोगों को एसडीएम ने निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा देकर किसी तरह शांत कराया, तब प्रदर्शन कर रहे परिवार का गुस्सा शांत हुआ। जिसके बाद परिवार के लोगों ने शव पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सौंपा। करीब तीन घंटे तक चलेे प्रदर्शन से सीतापुर-लखीमपुर मार्ग पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया। इससे सड़क पर भारी वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।